नागरिकता कानून पर जामिया के छात्रों ने वापस लिया विरोध प्रदर्शन

नागरिकता कानून को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में भी बवाल मचा हुआ है. जामिया मिलिया इस्लामिया में इस कानून को लेकर हिंसक झड़पों के मामले सामने आए.

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जामिया मिलिया इस्लामिया में नागरिकता कानून पर प्रोटेस्ट (तस्वीर-ANI) जामिया मिलिया इस्लामिया में नागरिकता कानून पर प्रोटेस्ट (तस्वीर-ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:23 PM IST

  • जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र अब नहीं करेंगे प्रोटेस्ट
  • यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग में लिया गया फैसला

नागरिकता कानून को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में भी बवाल मचा हुआ है. हाल ही में जामिया मिलिया इस्लामिया में इस कानून को लेकर हिंसा देखी गई. वहीं अब जामिया के छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है. यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी मीटिंग (UGBM) में फैसला लिया गया कि नागरिकता कानून पर जामिया के छात्र विरोध प्रदर्शन बंद कर रहे हैं.

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जामिया के छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया था, जिसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा. इस दौरान कुछ जगहों पर पत्थरबाजी की खबरें सामने आई थीं. हालांकि विश्वविद्यालय ने खंडन किया था कि हिंसा में कैंपस के छात्र शामिल थे.

गौरतलब है कि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) 2019 के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण स्नातक और स्नातकोत्तर की सेमेस्टर परीक्षाओं को रद्द करने के बाद अब शनिवार से शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया है.

विश्वविद्यालय अब 6 जनवरी 2020 को खुलेगा. विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी अजीम अहमद ने कहा है कि सभी सेमेस्टर परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है. आने वाले समय में और 16 दिसंबर 2019 से 5 जनवरी 2020 तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है. विश्वविद्यालय अब 6 जनवरी 2020 को खुलेगा.

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इससे पहले विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यूजी व पीजी कोर्स के सभी विषम सेमेस्टर के छात्रों को सूचित किया जाता है कि 14 दिसंबर को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं. स्थगित किए गए

शुक्रवार को, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) द्वारा शुक्रवार को संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की गई, जिस वजह से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए लाठीचार्ज भी किया, जिसके बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया. कई मीडियाकर्मी भी छात्र-पुलिसकर्मी की झड़प में घायल हो गए.

विरोध प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर कई संदेश प्रसारित किए गए, जिसमें छात्रों से चल रही परीक्षाओं सहित सभी शैक्षणिक गतिविधियों का बहिष्कार करने के लिए कहा गया. , जिसके बाद उन्हें होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लगभग 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और जैतपुर व बदरपुर पुलिस थानों में ले जाया गया.

(IANS इनपुट के साथ)

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