डूसू चुनाव: नो कैंपेन डे पर छात्रों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा

डूसू की जंग जीतने के लिए छात्र संगठन डीयू के छात्रों को सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर्स दे रहे हैं. प्रचार जरूर खत्म हो गया. लेकिन सोशल मीडिया पर वोट बटोरने की जंग लगातार जारी है.

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छात्रों संगठनों में प्रचार को लेकर जोश छात्रों संगठनों में प्रचार को लेकर जोश

रोशनी ठोकने

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 5:24 AM IST

डूसू की जंग जीतने के लिए छात्र संगठन डीयू के छात्रों को सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर्स दे रहे हैं. प्रचार जरूर खत्म हो गया. लेकिन सोशल मीडिया पर वोट बटोरने की जंग लगातार जारी है. छात्र संगठनों की कोशिश है कि व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए छात्रों को उम्मीदवारों के बैलेट नम्बर और प्रोफाइल से रू-ब-रू करा सकें.

एबीवीपी ने तो डूसू पैनल पर काबिज होने के लिए का भी सहारा लिया है. USE promo code 'ABVP1423' and get one free ride with uber. Vote & support ABVP जैसे मैसेज डीयू के छात्रों को भेजकर एवीबीपी वोट बटौर रही है. दरअसल गुरुवार को नो कैंपेन डे होने की वजह से छात्र ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर प्रचार करते दिखे.

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एनएसयूआई की राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी हसीब अमीन के मुताबिक के जरिये छात्रों तक पहुंचना आसान होता है. लिहाजा एनएसयूआई 3 साल डीयू बेहाल, एनएसयूआई क्यों जैसे पोस्ट का प्रचार व्हाट्सएप और ट्विटर पर कर रहे हैं. साथ ही कैंडिडेट्स की फोटो, प्रोफाइल वीडियो और मैनिफेस्टो की जानकारी भी सोशल मीडिया के जरिये छात्रों को भेज कर उन्हें वोट में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. एनएसयूआई संगठन के फेसबुक पेज पर करीब 2 लाख 40 हजार फॉलोवर है, तो वहीं ट्विटर हैंडल पर करीब 52 हजार 700 फॉलोवर जुड़े हुए हैं.

इसी तरह एबीवीपी के फेसबुक पेज पर करीब 1 लाख 80 हजार फॉलोवर हैं तो वहीं ट्विटर पर 31 हजार 700 फॉलोवर है, इतना ही नहीं, छात्र संगठन के जरिए भी वोट अपील कर रहे हैं. मैनीफेस्टो की जानकारी हो या बैलेट नम्बर, या फिर उम्मीदवार का प्रोफाइल.. वोटिंग से पहले के कुछ घंटो में इन्हीं तरीकों से छात्र संगठन वोट बटोरने की कोशिश कर रहे हैं. एबीवीपी के जनरल सेक्रेटरी कैंडिडेट अंकित सांगवान के मुताबिक एबीवीपी ने जो काम छात्रों और डीयू के कैंपस में किया है हम उन्हीं के आधार पर वोट मांग रहे हैं. सोशल मीडिया पर वाट्सएप, फेसबुक के साथ एबीवीपी आजकल इंस्टाग्राम पर भी उम्मीदवारों की जानकारी पोस्ट कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र एबीवीपी और उसके उम्मीदवारों को जान पाएं.

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मतदान से एक दिन पहले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा फैलाए गए कचड़े को साफ किया. स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं ने फर्श पर गिरे पर्चों को उठाने के साथ कॉलेज परिसर की दीवारों पर लगे पोस्टरों को हटाकर दीवारों को भी साफ किया. एबीवीपी के दिल्ली प्रांत मंत्री भरत खटाना ने कहा कि परिषद् का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को मतदान प्रकिया से जोड़ना होगा और इस बार दिल्ली विश्विद्यालय मतदान के सभी रिकॉर्ड टूटेंगे.

डूसू का पैनल जीतने के लिए छात्र संगठनों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. असल मुकाबला एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच है. डीयू के 51 कॉलेजों में शुक्रवार को छात्र मतदान करेंगे. मॉनिंग कॉलेजों में वोटिंग का समय सुबह 8.30 बजे से 12.30 बजे तक और इवनिंग कॉलेजों में 3 बजे से शाम 7 बजे तक छात्र मतदान कर सकेंगे.

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