दिल्ली : परिसीमन के फेर में फंसे एमसीडी के दिग्गज

चुनाव आयोग की वार्डों के परिसीमन को लेकर बनाई गई रिपोर्ट को एलजी की हरी झंडी मिलते ही जहां एक तरफ एमसीडी चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, तो वहीं दूसरी तरफ वार्डों में किए गए बदलाव ने नेताओं के सामने दुविधा खड़ी कर दी है.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

विवेक शुक्ला

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 12:27 AM IST

चुनाव आयोग की वार्डों के परिसीमन को लेकर बनाई गई रिपोर्ट को एलजी की हरी झंडी मिलते ही जहां एक तरफ एमसीडी चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, तो वहीं दूसरी तरफ वार्डों में किए गए बदलाव ने नेताओं के सामने दुविधा खड़ी कर दी है.

एमसीडी के कई बड़े नाम इन दिनों थोड़ा परेशान दिख रहे हैं और इसकी वजह है . इसमें किसी का वार्ड ही खत्म कर दिया गया है या किसी के वार्ड में नए बूथ जोड़ दिए गए.

Advertisement

मिसाल के लिए साउथ में विपक्ष के नेता फरहाद सूरी से मिलिए. सूरी फिलहाल निजामुद्दीन वार्ड से पार्षद हैं, लेकिन परिसीमन के बाद इनका वार्ड ही खत्म कर दिया गया. जंगपुरा विधानसभा के अंतर्गत अब जो नए वार्ड बनाए गए हैं, वो लाजपत नगर, सिद्धार्थ नगर और दरियागंज हैं.

निजामुद्दीन वार्ड को खत्म कर उसे दरियागंज बना दिया गया है. इनके पुराने वार्ड का महज 35% हिस्सा ही दरियागंज वार्ड में डाला गया है, जबकि 65% हिस्सा नया है. ऐसे में अगर सूरी चुनाव लड़ते हैं तो बड़ी तादाद ऐसे लोगों की होगी जो इन्हें जानते ही नहीं. ऐसे में सूरी के लिए दुविधा यह है कि वोट किस आधार पर मांगे.

सूरी कहते हैं कि दूसरी सबसे बड़ी परेशानी यह कि दरियागंज वार्ड लालकिले के पास पर्दाबाग से शुरू होकर भोगल तक बनाया गया है. सूरी के मुताबिक ये दूरी लगभग 10 किलोमीटर की है तो ऐसे मे वार्ड की जनता से मिलने में भी परेशानी आएगी.

Advertisement

सूरी वार्ड का नाम बदले जाने को लेकर भी खासे नाराज हैं. उनके मुताबिक उन्होंने वार्ड का नाम निजामुद्दीन ही रखने की सलाह दी थी, लेकिन चुनाव आयोग ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »