दिल्ली के शाहीन बाग में रास्ता खोलने को लेकर प्रदर्शनकारियों और वार्ताकारों के बीच चली मैराथन मंथन के बाद आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. रविवार को ही मध्यस्थ वजाहत हबीबुल्लाह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है. हलफनामे में वजाहत हबीबुल्लाह ने प्रदर्शनकारियों को क्लीन चिट दी है. जबकि रोड ब्लॉक के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस टीम की वजह से शाहीन बाग में आसपास की कई सड़कें ब्लॉक है, जबकि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थ पैनल को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मसले का हल निकालने को कहा था, लेकिन वार्ताकारों की मेहनत बेनतीजा रही. अब आज की सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई है.
वार्ताकारों की बातचीत रही बेनतीजा
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में शाहीन बाग में सड़क खाली कराने के लिए दो वार्ताकार वकील संजय हेगड़े और वकील साधना रामचंद्रन नियुक्त किए थे. साथ ही वजाहत हबीबुल्लाह को मध्यस्थ बनाया गया था. वार्ताकारों ने चार दिन तक प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन सब बेनतीजा रही. प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि सीएए वापस नहीं लिए जाने तक शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी रहेगा.
हलफनामे में पुलिस पर आरोप
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वजाहत हबीबुल्लाह से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने और रिपोर्ट देने के लिए कहा था. वजाहत हबीबुल्लाह ने अपने हलफनामे में कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है. पुलिस ने 5 जगहों पर रोड ब्लॉक किया है. अगर ब्लॉकिंग रोक दी जाती तो ट्रैफिक सामान्य तरीके से चलने लगता. पुलिस ने बेवजह रास्ता बंद किया, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी हुई.
70 दिन बाद खोली गई एक सड़क
प्रदर्शन के 70 दिन बाद यानी शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने एक रास्ता खोल दिया था. कालिंदी कुंज 9 नंबर की सड़क खोल दी. बेहद सकरे इस रास्ते से इस रास्ते से सिर्फ छोटी गाड़ियां, कार और बाइक ही जा सकती हैं. यह रास्ता होली फैमिली, जामिया, बटला हाउस और अबुल फजल होते हुए नोएडा और फरीदाबाद जाता है.
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