कभी गोवा, कभी बंगाल तो कभी महाराष्ट्र... 35 साल से भाग रहा था हत्यारा, लुधियाना से गिरफ्तार

अपराधी बचने का कितना भी जुगाड़ लगा ले, लेकिन पुलिस की गिरफ्त से वह बच नहीं सकता. ऐसा ही कुछ मामला दिल्ली से आया है. जहां हत्या के आरोपी को पुलिस ने 35 साल बाद गिरफ्तार किया है.

Advertisement
पुलिस गिरफ्त में हत्या का आरोपी, जो 35 सालों से फरार था. (Photo: Himanshu Mishra/ITG) पुलिस गिरफ्त में हत्या का आरोपी, जो 35 सालों से फरार था. (Photo: Himanshu Mishra/ITG)

हिमांशु मिश्रा

  • दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:37 PM IST

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 35 साल से पुलिस के साथ लुका-छिपी खेल रहे क़त्ल के एक आरोपी को पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया है. दरअसल 2 अगस्त 1991 को दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में कॉल आई, कॉलर ने बताया कि पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी में किसी ने घर के अंदर मां और बेटे को चाकू मारकर बुरी तरह घायल कर दिया है. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर तुरंत दोनों को हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन मां की मौत हो गई. जबकि कई दिनों के इलाज के बाद बेटे की जान बच गई थी.

Advertisement

आरोपी ने दोनों के गले और चेहरे पर चाकू से कई गंभीर वार किए थे. डीसीपी क्राइम आदित्य गौतम ने बताया कि उस वक़्त जब बेटे को होश आया तो उसने बयान दिया था कि ये हमला उसके किराएदार छवि लाल वर्मा ने किया था. छवि वर्मा को पता लग चुका था कि बेटे की जान बच गई है और वो पकड़ा जाएगा. इसलिए छवि लाल फरार हो गया. पुलिस ने लगातार छवि लाल की तलाश की, लेकिन छवि लाल पलट के घर तक नहीं आया. 

यह भी पढ़ें: 3 देशी पिस्टल, 1 रिवॉल्वर, 7 कट्टे और... नकली नोटों के साथ शातिर अपराधी गिरफ्तार

पत्नी और बच्चों पर नजर रख रही थी पुलिस
पुलिस की टीम यूपी सुल्तानपुर छवि लाल के घर के चक्कर काटती रही और छवि लाल के बच्चों और पत्नी पर नज़र रखी. लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस भी हैरत में थी कि छवि लाल ने आखिर कभी परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया. वक़्त बीतने के साथ छवि लाल की तलाश भी बंद हो गई. 35 साल बाद जब क्राइम ब्रांच ने पुरानी फ़ाइल खंगालनी शुरू की तो उसमें छवि लाल की फ़ाइल भी मिली. अब से 6 महीने पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने छवि लाल की तलाश के लिए इनपुट जुटाना शुरू किया.

Advertisement

इसी दौरान पुलिस को पता लगा कि छवि लाल ने कभी भी अपनी पत्नी को कॉल नहीं किया. ये अपने बच्चों की शादी तक में नहीं आया था. इसके बाद पुलिस ने उसके गांव पर फिर नजर रखनी शुरू की. फिर वहीं से पुलिस को लीड मिली और उसे 9 अप्रैल को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में छवि लाल ने बताया कि उसे लगता था कि उसकी मकान मालकिन के पास बहुत पैसा है, इसलिए उसने लूट और क़त्ल की सजिश रची थी.

घरवालों से पड़ोसी करवाता था बात
छवि लाल को कभी अपनी पत्नी से बात करनी होती तो वो पड़ोसी को कॉल करता, अपना मैसेज बताता. जिसके बाद वो मैसेज पड़ोसी उसकी पत्नी को देता और जो जवाब होता वो पड़ोसी ही छवि लाल को बता देता. पिछले 35 सालों में अपनी फरारी के दौरान छवि लाल कभी पेंटर का काम किया, तो कभी मिस्त्री का. कभी किसी होटल में काम किया तो कभी मजदूरी की.

35 सालों में कभी गोवा, कभी बंगाल तो कभी महाराष्ट्र 
पुलिस के डर से वो कहीं एक जगह टिकता नही था. वह कभी गोआ, कभी नागपुर, कभी पंजाब, कभी पश्चिम बंगाल भागता ही रहता था. आखिरकार छवि का भागना और पुलिस की तलाश 9 अप्रैल को लुधियाना में खत्म हुई. जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »