राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर होटल में लगी आग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, होटल फ्लोरिश स्टे में आग लगने के बाद इसका मालिक मौके से फरार हो गया था. होटल के मालिक लवकेश बजाज ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया है.
उसने बताया कि घटना के वक्त वह मौके से होकर गुजर गया रुका नहीं. वह डर की वजह से वहां से भाग गया था.
होटल का मालिक मौके से फरार होने के बाद अपने घर भी नहीं गया, वह सड़कों पर घूमता रहा.
कोर्ट में होगी होटल मालिक की पेशी
पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि उसने तीन साल पहले अहलुवालिया नाम की एक पार्टी से यह बिल्डिंग ली थी और उसमें होटल कम गेस्ट हाउस चला रहा था. पहले यहां पर खादी की शॉप थी. इमारत काफी जर्जर थी.
पूछताछ में होटल मालिक ने दावा किया कि उसने BNB यानी बेड एंड ब्रेकफास्ट, टूरिस्ट, हेल्थ, रेस्टोरेंट की परमिशन ली थी. लेकिन दिल्ली पुलिस उसके इस दावों कीव जांच कर रही है.
आज यानी गुरुवार करीब 2 बजे के होटल मालिक को अदालत में पेश किया जाएगा. संभावना है कि दिल्ली पुलिस 3 से 4 दिन की रिमांड मांग सकती है.
होटल मालिक और पत्नी को नोटिस
दिल्ली पुलिस ने घटना वाले दिन यानी 3 जून को होटल मालिक लवकेश बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ 'लुक आउट सर्कुलर' (LOC) जारी किया. यह कदम लवकेश की गिरफ्तारी से पहले जारी की गई थी, जिससे वह देश छोड़कर न भाग सके.
कई धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. यह मामला मालवीय नगर थाने में दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एफआईआर में धारा 105, 326(g), 324(5), 125(a), 125(b) और 287 बीएनएस को शामिल किया गया है.
इसके अलावा धारा 287 बीएनएस आग, ज्वलनशील पदार्थों या अन्य खतरनाक सामग्री के इस्तेमाल में बरती गई लापरवाही से संबंधित है. पुलिस अब होटल में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्था और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
यह भी पढ़ें: मालवीय नगर हादसे पर एक्शन मोड में दिल्ली सरकार, कई इलाकों में सीलिंग की तैयारी
पहली कॉल से रेस्क्यू ऑपरेशन तक... त्रासदी की टाइमलाइन
आग के संबंध में पहली कॉल दिल्ली अग्निशमन विभाग को सुबह 8:50 बजे मिली, इसके बाद दूसरी कॉल 8:55 बजे और तीसरी कॉल 9:16 बजे मिली. अग्निशमन अभियान कई घंटों तक जारी रहा क्योंकि टीमें आग पर काबू पाने और इमारत की तलाशी लेने के लिए काम कर रही थीं.
दिल्ली पुलिस को घटना की जानकारी सुबह 8:48 बजे मिली और तुरंत बचाव अभियान चलाया गया. पुलिस के मुताबिक, अन्य एजेंसियों के पहुंचने से पहले ही टीमों ने इमारत के अंदर फंसे लोगों को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए. कई एजेंसियों की मदद से 40 से ज्यादा लोगों को बचाया गया, लेकिन इस घटना में 21 लोगों की जान चली गई.
अरविंद ओझा