एमसीडी का अजब अस्पताल, फोन पर दिखाना पड़ रहा है एक्स-रे!

आजतक की टीम को इसकी जानकारी मिली तो हमने नार्थ दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल से प्रतिक्रिया लेनी चाही लेकिन हैरानी की बात ये है कि खुद मेयर साहिबा को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने निगम अधिकारियों से फोन पर बात की और उनको इस लापरवाही के लिए लताड़ लगाई.

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एक्स-रे मशीन की प्रिंटिंग यूनिट खराब एक्स-रे मशीन की प्रिंटिंग यूनिट खराब

रवीश पाल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 4:36 AM IST

दिल्ली में नॉर्थ एमसीडी के बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक एक्स-रे मशीन की प्रिंटिंग यूनिट खराब होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अजीब वाकये से गुजरना पड़ रहा है जिसे जानकर खुद मेयर भी हैरान हैं.

बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में अगर किसी को मोबाइल से कंप्यूटर की तस्वीरें लेते देखें तो चौंकिएगा मत. हो सकता है कि वो खुद का या अपने किसी रिश्तेदार का एक्स-रे डॉक्टर को दिखाने के लिए ऐसा कर रहा हो. आप सोच रहे होंगे कि ये कंप्यूटर की फोटो क्यों लेना, तो आपको बता दें कि ये कंप्यूटर की नहीं बल्कि उसमे दिख रहे ले रहे हैं ताकि डॉक्टर को दिखा सकें कि उनके शरीर की कौन सी हड्डी टूटी है या फिर ठीक है.

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दरअसल अस्पताल की एक एक्स-रे मशीन की प्रिंटिंग यूनिट खराब होने से एक्स-रे की हार्ड कॉपी मरीजों को नहीं मिल पा रही है जिससे वो एक्स-रे की फोटो अपने मोबाइल में खींच कर डॉक्टर को दिखा रहे हैं. जब आजतक की टीम को इसकी जानकारी मिली तो हमने नॉर्थ दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल से प्रतिक्रिया लेनी चाही लेकिन हैरानी की बात ये है कि खुद मेयर साहिबा को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने निगम अधिकारियों से फोन पर बात की और उनको इस लापरवाही के लिए लताड़ लगाई. मेयर ने कहा कि इस बारे में उन्हें 'आजतक' से ही पता चला और अगले 24 घण्टे में उन्होंने एक्स-रे मशीन को सही करने का भरोसा भी दिलाया.

नॉर्थ एमसीडी में कांग्रेस के नेता मुकेश गोयल ने इस पूरे मामले को बेहद गम्भीर बताते हुए कहा कि नए चेहरे और नई ऊर्जा का नारा देने वाली बीजेपी जब से तीसरी बार निगम में आई है तब से काम ना के बराबर हो रहा है. ऐसे में अस्पताल की सेवाओं की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं है. गोयल ने आरोप लगाया कि निगम के अस्पताल में ज्यादातर ऐसे में हर कोई मोबाइल से फोटो नहीं ले सकता. गोयल ने आरोप लगाया की मोबाइल में एक्स-रे की फोटो दिखाने से महीन फ़्रैक्चर होने पर आसानी से पता नहीं लगाया जा सकता.

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हालांकि अस्पताल में 4 एक्स-रे मशीन और भी हैं जो ठीक से काम कर रही हैं लेकिन सवाल उठता है कि फिर क्यों मरीजों और उनके परिजनों को मोबाइल से एक्स-रे की फोटो खींचने पर मजबूर किया गया.

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