एक पैर पर कूदकर 1 किमी दूर जाती थी स्कूल, बिहार की बिटिया को अब मिल गया दूसरा पैर

बिहार के जमुई में एक पैर पर 1 किलोमीटर तक कूदते हुए स्कूल जाने वाली 10 साल की मासूम सीमा को अब दूसरा पैर मिल गया है. राज्य के शिक्षा विभाग ने डॉक्टरों की मौजूदगी में सीमा को कृत्रिम पैर लगवा दिया है, जिसके बाद अब वो आराम से चलकर स्कूल जा पाएगी.

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सीमा को मिल गया कृत्रिम पैर सीमा को मिल गया कृत्रिम पैर

राकेश कुमार सिंह

  • जमुई,
  • 27 मई 2022,
  • अपडेटेड 5:39 PM IST
  • सीमा को डॉक्टरों ने लगाया कृत्रिम पैर
  • एक पैर पर स्कूल जाती थी जमुई की सीमा

बिहार के जमुई में बीते दिनों 10 साल की मासूम बच्ची सीमा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें वो एक पैर पर एक किलोमीटर कूदती हुई स्कूल जा रही थी. वीडियो वायरल होने के बाद अब सीमा को कृत्रिम ही सही लेकिन दूसरा पैर मिल गया है.

जिला प्रशासन की मदद से शिक्षा विभाग ने सीमा को कृत्रिम पैर लगा दिया. जिला शिक्षा पदाधिकारी कपिलदेव तिवारी की मौजूदगी में डॉक्टरों की टीम ने सीमा को कृत्रिम पैर लगाया. 

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इसको लेकर अधिकारी कपिलदेव तिवारी ने कहा कि अच्छा महसूस हो रहा है, अब बच्ची के अंदर यह भाव नहीं रहेगा की उसके पास दूसरा पैर नहीं है. अन्य बच्चियों की तरह यह भी स्कूल चलकर जाएगी और अपने पैरों पर वापस आएगी.

बता दें कि सीमा अपने माता-पिता के साथ खैरा प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाके के फतेपुर गांव में रहती है. दो साल पहले एक सड़क हादसे में सीमा को अपना एक पैर गंवाना पड़ा था. इसके बावजूद सीमा का हौसला कम नहीं हुआ और उसने एक पैर से ही जिंदगी का सफर तय करने का संकल्प लिया है. इस संघर्ष में उसके गरीब माता-पिता साथ निभा रहे हैं. 

सीमा का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो उसके स्कूल जाने के जज्बे को देखकर हर कोई हैरान रह गया. सीमा स्कूल जाने से लेकर अपना सारा काम बिना किसी सहारे के एक पैर से ही करती थी. सीमा के पिता दूसरे राज्य में मजदूरी करते हैं और मां गांव में मजदूरी कर घर चलाती है. 

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सीमा की मां बेबी देवी ने बताया था कि उनके 6 बच्चे हैं और सीमा दूसरे नंबर पर है. चार साल पहले ईंट भट्ठे पर जाने के दौरान ट्रैक्टर के नीचे आने से उसका पैर कट गया था. उस समय ऐसा लग रहा था कि उनकी बेटी का जीवन पूरी तरह से खत्म हो गया उसे पूरी जिंदगी सहारे की जरूरत पढ़ेगी और आगे चलकर शादी में भी दिक्कत आएगी. बस यही सोच सोचकर हम अपना जीवन जी रहे थे.

यहां देखिए वीडियो        

सीमा की मां के मुताबिक उनकी बेटी पढ़-लिखकर टीचर बनना चाहती है और गांव के बच्चों को पढ़ाना चाहती है. सीमा को पढ़ाने वाले टीचर गौतम गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने सीमा को क्लास में पहली बार देखा तो उसके पास पढ़ने के लिए कॉपी किताब कुछ नहीं था. उन्होंने उसे डांटकर कहा कि जाओ पढ़ने के लिए किताब और कॉपी लेकर आए. तुरंत ही सीमा उठकर चली गई. उन्होंने देखा कि वो कुछ अजीब तरीके से चल रही है.

टीचर ने जब क्लास में बच्चों से पूछा सीमा को क्या हुआ है. वो ऐसे क्यों चल रही है, इस पर बच्चों ने बताया कि उसका पैर कट गया है. उन्हें लगा कि चोट की वजह से कट गया होगा. लेकिन बच्चों ने बताया, सीमा का पैर कट कर अलग हो गया है इसलिए वो ऐसे चलती है. यह सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने तुरंत ही सीमा को बुलवाया और गले से लगा लिया.

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