बिना सोचे-समझे न खाएं एसिडिटी की गोलियां, किडनी और दिमाग हो सकते हैं खराब, जानें इसके 5 बड़े नुकसान

आजकल लोग पेट की जलन और गैस के लिए रोजाना एसिडिटी की गोलियां (PPI) लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन हड्डियों की कमजोरी, किडनी की समस्या, विटामिन B12 की कमी और संक्रमण का कारण बन सकता है. स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और डॉक्टर की सलाह लेकर ही इन दवाओं का उपयोग करें.

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पेट की समस्याओं के लिए पहले घरेलू उपाय आजमाएं. (PHOTO:ITG) पेट की समस्याओं के लिए पहले घरेलू उपाय आजमाएं. (PHOTO:ITG)

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:08 PM IST

Acidity Medicines Side Effects: बिजी लाइफस्टाइल के चक्कर में आजकल लोग बाहर का खाना ज्यादा खा लेते हैं, जिसकी वजह से पेट से जुड़ी समस्याएं उनको अपना शिकार बना लेती हैं. गैस, जलन और एसिडिटी की समस्या बहुत आम हो गई है और इनसे राहत पाने के लिए लोग तुरंत एसिडिटी की गोली ले लेते हैं. कुछ लोगों के लिए तो यह रोजमर्रा की आदत बन चुकी है, सुबह चाय से पहले या खाना खाने के बाद एक गोली खाते हैं.

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बाजार में मिलने वाली दवाएं जैसे ओमेप्राजोल, पैंटोप्राजोल और एसोमेप्राजोल पेट की जलन से जल्दी राहत देती हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इनका लंबे समय तक इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. 

कैसे काम करती हैं एसिडिटी की दवाएं

ये दवाएं प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI) नाम की कैटेगरी में आती हैं. पेट में मौजूद छोटी-छोटी ग्रंथियां खाना पचाने के लिए एसिड बनाती हैं. ये दवाएं उस एसिड के बनने की प्रोसेस को कम कर देती हैं. जब एसिड कम बनता है तो पेट की जलन और गैस की समस्या में आराम दिलाता है.

हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि वे हर हफ्ते ऐसे कई मरीज देखते हैं जिन्हें लंबे समय तक प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI) दवाएं लेने की वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. 

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डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि आमतौर पर इन दवाओं को 4 से 8 हफ्ते तक लेने की सलाह देते हैं. इनका इस्तेमाल एसिड रिफ्लक्स, पेट के अल्सर और हेलिकोबैक्टर पाइलोरी इंफेक्शन जैसी समस्याओं में किया जाता है. लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें महीनों या सालों तक लेते रहते हैं.

हड्डियां हो सकती हैं कमजोर

लंबे समय तक एसिडिटी की दवा लेने से शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम का अवशोषण कम हो सकता है. ये दोनों मिनरल हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरूरी होते हैं, जब शरीर इन्हें ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता तो हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है.

विटामिन B12 की कमी का खतरा

इन दवाओं के लगातार सेवन से शरीर में विटामिन B12 की कमी भी हो सकती है. यह विटामिन नसों और दिमाग के सही काम करने के लिए बहुत जरूरी होता है. इसकी कमी से थकान, कमजोरी, याददाश्त की समस्या और नसों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं.

किडनी से जुड़ी समस्याएं

कुछ रिसर्च में पाया गया है कि लंबे समय तक PPI दवाएं लेने से क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि हर इंसान में ऐसा नहीं होता, लेकिन लगातार और बिना जरूरत इन दवाओं का सेवन किडनी पर प्रेशर डाल सकता है.

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इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है

पेट का एसिड सिर्फ खाना डाइजेस्ट का काम ही नहीं करता, बल्कि यह कई खतरनाक बैक्टीरिया को भी खत्म करता है. जब दवाओं के कारण पेट का एसिड कम हो जाता है तो शरीर की यह प्राकृतिक सुरक्षा भी कमजोर हो जाती है. इससे क्लोस्ट्रीडियम डिफिसाइल जैसे बैक्टीरिया का खतरा बढ़ सकता है, जो गंभीर डायरिया और इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं.

अगर आप रोज यह दवा लेते हैं तो क्या करें

अगर आप 2 महीने से ज्यादा समय से रोज एसिडिटी की गोली ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. इन दवाओं को अचानक बंद करने से एसिडिटी और ज्यादा बढ़ सकती है, इसलिए डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे इन्हें कम करना बेहतर होता है.

एसिडिटी से बचने के आसान उपाय

  • खाना खाने के बाद तुरंत न लेटें
  • बहुत ज्यादा मसालेदार और तला हुआ खाना कम करें
  • चाय और कॉफी सीमित मात्रा में लें
  • वजन कंट्रोल में रखें
  • देर रात खाना खाने से बचें

डॉक्टरों के अनुसार, पेट में एसिड बनना शरीर की एक सामान्य और जरूरी प्रोसेस है. इसलिए बिना जरूरत और लंबे समय तक एसिडिटी की दवाएं लेना सेहत के लिए सही नहीं माना जाता. आप सही खानपान और लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं.

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