फैक्ट चेक: उपद्रव मचाने पर बंगाल में TMC कार्यकर्ताओं पर आर्मी का एक्शन? नहीं, मणिपुर का है ये वीडियो

सोशल मीडिया पर पुलिस और उग्र भीड़ के बीच झड़प का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के बंगाल के होने का दावा कर सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं, लेकिन फैक्ट चेक में कहानी दावे के विपरीत निकली.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है जहां टीएमसी से जुड़े लोग उपद्रव कर रहे थे और सेना ने उन्हें सबक सिखा दिया.
सच्चाई
ये वीडियो मणिपुर में 11 मार्च को हुए एक प्रदर्शन का है. पश्चिम बंगाल से इसका कोई लेना-देना नहीं है.

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:18 PM IST

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमागहमी तेज हो चुकी है. बीते दिनों मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की एक घटना हुई, जिसकी जांच NIA कर रही है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच टकराव देखा जा सकता है. इस दौरान आंसू गैस का इस्तेमाल भी होता है, जिसके बाद भीड़ इधर-उधर भागने लगती है.

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अब सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर कुछ लोग कह रहे हैं कि इसमें दिख रहे लोग टीएमसी से जुड़े हैं, जो उपद्रव मचा रहे थे. इसके बाद सेना ने उन्हें सबक सिखा दिया.

वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “टीएमसी वालों अब गुंडा गर्दी नहीं चलेगी , ये बंगाल पुलिस नहीं है जो तुम्हारी पूजा करती है. ये सेना है भारत की इलाज कर देगी.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो मणिपुर में 11 मार्च को हुए एक प्रदर्शन का है.

कैसे पता की सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये Impact TV Manipur की एक वीडियो रिपोर्ट में मिला. 11 मार्च की इस रिपोर्ट के मुताबिक ये वीडियो मणिपुर के इंफाल का है, जहां सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी.

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इस जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें इस घटना से संबंधित कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक 11 मार्च को मणिपुर में कुछ लोगों ने राज्य में चल रही जनगणना के खिलाफ प्रदर्शन किया. इन लोगों की मांग थी कि जनगणना से पहले NRC यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन को लागू किया जाए. जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन (JFD) कैंपेन के तहत लोग NRC प्रक्रिया होने तक जनगणना स्थगित करने की मांग कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान 5 लोग घायल भी हो गए थे.

हमें इंस्टाग्राम पर मणिपुर की IMA मार्केट का एक वीडियो मिला जो वायरल वीडियो से हूबहू मिलता है. इसके बाद हमें गूगल मैप्स के स्ट्रीट व्यू पर बिल्कुल यही लोकेशन मिल गई. इसमें दिख रही सड़क और सड़क के दोनों तरफ की दुकानें बिल्कुल वायरल वीडियो से मिलती हैं.

साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो मणिपुर का है, न कि पश्चिम बंगाल का.

मणिपुर में हाल ही में एक बार फिर हिंसा भड़क गई. 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले में एक कुकी उग्रवादियों की ओर से किए गए बम धमाके में दो बच्चों की मौत हो गई, जिसके बाद से राज्य में काफी तनाव है. लोग बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर रहे हैं. CRPF की फायरिंग में तीन लोगों की मौत भी हो गई.

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बीते दिनों पश्चिम बंगाल का बताकर कुछ फर्जी वीडियो वायरल हुए थे जिनका हमने फैक्ट चेक किया था. इन्हें यहां और यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है.

(रिपोर्ट: रश्मि गुप्ता )

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