फैक्ट चेक: क्या इस मॉडल ने अपनी डार्क स्किन की वजह से गिनीज बुक में बनाई जगह?

‘क्वीन ऑफ डार्क’ के नाम से मशहूर दक्षिण सूडानी मूल की अमेरिकी मॉडल न्याकिम गैटवेच की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि डार्क स्किन की वजह से इस मॉडल का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज किया गया है. इस दावे में कितनी सच्चाई है....जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
अब तक की सबसे गहरे रंग की त्वचा के लिए सूडानी मूल की अमेरिकी मॉडल न्याकिम गैटवेच का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ.
सच्चाई
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने इस दावे को फर्जी करार देते हुए इसे खारिज किया है. गिनीज बुक में स्किन टोन का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता.

चयन कुंडू

  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

‘क्वीन ऑफ डार्क’ के नाम से मशहूर ने हाल में अपनी हैरतअंगेज सुंदरता के लिए ग्लैमर की दुनिया को आकर्षित किया है. दक्षिण सूडानी मूल की इस मॉडल ने इंटरनेट की दुनिया में भी खूब धूम मचाई. के मुताबिक, 27 वर्षीय न्याकिम अपने “खूबसूरत गहरे रंग के लिए​” काफी मशहूर हैं और उन्होंने इसी के दम पर खूब दौलत और शोहरत कमाई है.

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लेकिन क्या गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम “धरती पर अब तक की सबसे गहरे रंग की त्वचा” वाले इंसान के रूप में दर्ज किया गया है?

और ने तो ऐसा ही दावा किया है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह दावा गलत है. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इस दावे को फर्जी बताते हुए इसे खारिज किया है. गिनीज बुक में त्वचा के रंग के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता.

वायरल पोस्ट में न्याकिम गैटवेच की तस्वीर के साथ अंग्रेजी में कैप्शन लिखा गया है, जिसका हिंदी अनुवाद है “यह काले पत्थर या ग्रेनाइट पर किया गया कोई आर्ट वर्क नहीं है. ये सूडानी मॉडल न्याकिम गैटवेच हैं. सबसे दुर्लभ ब्लैक ब्यूटी. धरती पर सबसे गहरे रंग की त्वचा के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है. उन्हें ‘क्वीन ऑफ डार्क’ के नाम से भी जाना जाता हैं.”

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पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन और देखे जा सकते हैं. तमाम ने ऐसा ही दावा किया है.

AFWA की पड़ताल

वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने पर ये खोजने की कोशिश की कि क्या इस पर डार्क स्किन के लिए कोई एंट्री हुई है. हमें वेबसाइट पर इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली.

इसी सिलसिले में हमने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का ट्विटर अकाउंट खंगाला. 28 अप्रैल, 2020 को ट्विटर हैंडल @iChopTweets के एक ट्वीट के जवाब में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से इस दावे का खंडन किया गया है. संस्था की ओर से किए गए​ ट्वीट में कहा गया, “फेक न्यूज अलर्ट. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्किन टोन का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता.”

बाद में ट्विटर हैंडल @iChopTweets ने इसी थ्रेड में जवाब देते हुए “गलत सूचना” के लिए माफी मांगी. इस यूजर ने ये भी दावा किया कि उसने वायरल “सूचना” के बारे में गैटवेच से संपर्क किया था. उसने गैटवेच से हुई कथित बातचीत का स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किया.

जाहिर है कि इंटरनेशनल मॉडल न्याकिम गैटवेच के बारे में वायरल यह दावा गलत है कि उनका नाम धरती पर सबसे गहरे रंग की त्वचा के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. गिनीज बुक में त्वचा के रंग का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता.

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(श्रीजीत दास के इनपुट के साथ)

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