फैक्ट चेक: मुस्लिमों के मार्च का कांग्रेस की जीत से नहीं था कोई लेना-देना

इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में वीडियो के साथ किए जा रहे इन दावों को गुमराह करने वाला पाया. दरअसल, ये रैली विधानसभा चुनावों के नतीजे आने से काफी पहले निकाली गई थी. रैली में शामिल लोगों ने बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने की मांग की थी लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के समर्थन में नारे नहीं लगाए थे.  

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वीड‍ियो स्क्रीनशॉट वीड‍ियो स्क्रीनशॉट

बालकृष्ण / खुशदीप सहगल

  • नई दि‍ल्ली,
  • 14 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 9:33 PM IST

क्या मुस्लिम संगठनों ने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाते हुए रैली निकाली थी? साथ ही बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने की मांग की थी?

एक वीडियो के हवाले से इस तरह के दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं. फेसबुक पर ऐसी ही एक पोस्ट का शीर्षक दिया गया है- 'यह लो कांग्रेस की जीत को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं कि बाबरी मस्जिद के लिए जुलूस और पाकिस्तान के नारे लगने लगे.' इस रिपोर्ट को लिखे जाते वक्त तक 'Politics Solitics' फेसबुक पेज पर ही इस पोस्ट को 9,000 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है.

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इसे अन्य कई फेसबुक पेजों पर भी शेयर किया गया है.

इंडिया टुडे फैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में वीडियो के साथ किए जा रहे इन दावों को गुमराह करने वाला पाया. दरअसल, ये रैली विधानसभा चुनावों के नतीजे आने से काफी पहले निकाली गई थी. रैली में शामिल लोगों ने बाबरी मस्जिद को दोबारा बनाने की मांग की थी लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के समर्थन में नारे नहीं लगाए थे.   

वीडियो में दिख रहे बैनर्स पर ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, संभल शहर’ लिखा देखा जा सकता है. संभल पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक जिला है. 

Caption: Screengrab from viral video

जब हमने ‘संभल’ और ‘बाबरी मस्जिद’ कीवर्ड्स से सर्च किया तो यही यूट्यूब पर दो साल पहले 2016 में अपलोड किया हुआ मिला. वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग बाबरी  मस्जिद की तस्वीर वाली तख्तियां हाथों में लिए हैं और उसके दोबारा निर्माण के लिए नारे लगा रहे हैं.

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हमने संभल में मुस्लिम लीग के जिला अध्यक्ष मुकीम-उर-कुरैशी से बात की. उन्होंने कहा, हर साल 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के दोबारा निर्माण के लिए मार्च निकालते हैं. उपरोक्त वीडियो उसी विरोध मार्च का है लेकिन ये वीडियो इस साल का नहीं है. बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर,1992 को ढहा दिया गया था.

कुरैशी ने जोर देकर कहा, ‘बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद से हम हर साल इस तरह का मार्च निकालते रहे हैं. न ही हमने कभी पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए और न ही इस मार्च का कांग्रेस पार्टी की हालिया जीत से कोई लेना-देना है.’

ऐसे ही एक और फेसबुक पर शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस के विजय जुलूस के दौरान पाकिस्तानी झंडे लहराए गए.

राजस्थान पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इस दावे का खंडन किया. साथ ही इसे ‘झूठा’ बताया.

 

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