साल 2012 में सुजॉय घोष ने जब सस्पेंस थ्रिलर बनायी तो दर्शकों के साथ साथ क्रिटिक्स ने भी फिल्म को बहुत सराहा, फिल्म ने काफी कमाई की, नेशनल अवॉर्ड भी मिला और अब लगभग 4 साल के बाद एक नई कहानी लेकर सुजॉय आए हैं.
फिल्म में भी उनके साथ ही हैं. 'कहानी' से तुलना के चलते इस फिल्म से बहुत उम्मीदें हैं. जानें नोटबंदी के समय में किन 5 वजहों से आप इस फिल्म पर पैसा खर्च कर सकते हैं -
1. फिल्म में पहली वाली कहानी फिल्म जैसा ही अलग तरीके का सस्पेंस है. कई जगहों पर
यह आपको झटका भी दे सकता है. इसी के साथ डायरेक्टर का कहानी सुनाने का तरीका भी
दिलचस्प है.
2. विद्या बालन का अभिनय दमदार है. थ्रिलर और सस्पेंस फिल्मों में अक्सर एक्टर के चेहरे के भाव महत्वपूर्ण होते हैं, और विद्या बालन ने पूरी फिल्म के दौरान उन भावों को टू द पॉइंट ही रखा है.
3. की यह बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक है. हालांकि इमोशंस के मामले में अभी भी उनमें काफी सुधार की गुंजाइश है. बॉब के रोल में जुगल हंसराज प्रभावित करते हैं. 'कहानी' के बॉब वाला थ्रिल उनमें नहीं आता. फिर भी उनकी क्यूट इमेज से हटकर यह रोल अभिनय के उनके दायरे खोलता है.
4. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कमाल के हैं, जिसके लिए और रितेश शाह
तारीफ के काबिल हैं. फिल्म से एक बहुत ही महत्वपूर्ण मैसेज भी सामने निकलकर आता है
और जिसके लिये पूरे परिवार संग यह फिल्म देखी जा सकती है.
5. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक कमाल का है जो कहानी के फ्लेवर को बनाके रखता है. फिल्म की रफ्तार भी काफी अच्छी है जिसकी वजह से ये आपको बांधे रखती है.
अगर आपके पास वीकेंड का कोई खास प्लान न हो और 'डियर जिंदगी' पहले ही देख चुके हों तो विद्या की इस फिल्म को देखना अच्छा ऑप्शन रहेगा.
आरजे आलोक