शशि कपूर बेहद सफल फिल्म अभिनेताओं में गिने जाएंगे. लेकिन उनके बच्चों का कॅरियर बतौर एक्टर सफल नहीं रहा. कुणाल, करण और संजना तीनों ने फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन कोई कामयाबी के पायदान पर कदम नहीं रख सका. सभी ने अपने रास्ते बदल लिए, जबकि कपूर खानदान के अन्य वारिस बेहद सफल साबित हुए. जानिए आखिर, क्या कारण रहा कि शशि कपूर के बच्चे फिल्मों में सफल नहीं हो सके.
शशि कपूर के बेटे कुणाल कपूर ने 1972 में अंग्रेजी की फिल्म सिद्धार्थ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. इसके बाद श्याम बेनेगल की फिल्म जुनून में नजर आए. उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरी के साथ आहिस्ता आहिस्ता की, लेकिन दर्शक उनसे कनेक्ट नहीं कर पाए, इसका कारण था उनका विदेशी लुक.
जब मुख्य धारा की फिल्मों में कुणाल कपूर नहीं चले तो उन्होंने आर्ट फिल्में शुरू की. वे उत्सव और त्रिकाल नाम की फिल्म में नजर आए, लेकिन यहां भी सफल नहीं हुए. इसके बाद उन्होंने 1987 में विज्ञापन कंपनी खोल ली.
शशि कपूर के दूसरे बेटे करण कपूर ने भी फिल्मों में हाथ आजमाया. उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म जुनून से 1978 में डेब्यू किया. इसके बाद वे मैनस्ट्रीम सिनेमा की फिल्म सुल्तानत और लोहा में नजर आए, लेकिन उनके टिपिकल विदेशी लुक के कारण दर्शकों ने उन्हें अस्वीकार कर दिया.
इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग शुरू की. वे बॉम्बे डायिंग सहित कई ब्रैंड का चेहरा बने, लेकिन वे अचानक परिवार के साथ लंदन सेटल हो गए. अब वे प्रोफेशनल फोटोग्राफर के रूप में जाने जाते हैं.
शशि कपूर की बेटी संजना कपूर ने भी फिल्मों में किस्मत आजमाई, लेकिन वे भी सफल नहीं हुईं. उन्होंने 1981 में 36 चौरंगी लेन फिल्म से डेब्यू किया, इसके बाद वे उत्सव में दिखी. 1988 में संजना 'हीरो हीरालाल' में नसीरुद्दीन शाह के साथ नजर आई, लेकिन ये फिल्म सफल नहीं हुई.
1990 के दशक में संजना ने फिल्में छोड़कर पृथ्वी थिएटर संभाल लिया. वे बच्चों को थिएटर वर्कशॉप देने लगीं. 2011 में उन्होंने इसे छोड़ दिया. संजना के फिल्मों में सफल न होने का कारण भी उनका ब्रिटिश लुक माना जाता है.