60 के दशक की सबसे खूबसूरत और टॉप एक्ट्रेसेज में से एक साधना शिवदसानी 'द मिस्ट्री गर्ल' के नाम से भी मशहूर हैं. 2 सितंबर 1941 को साधना का जन्म कराची, सिंध में हुआ था. साधना के जन्मदिन पर जानें उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें.
साधना ने 14 साल की उम्र में राज कपूर की फिल्म श्री 420 से बॉलीवुड डेब्यू किया था. इस फिल्म में वे एक गाने में कोरस गर्ल के साथ नजर आई थीं. इस छोटी सी झलक के बाद उन्होंने पहली भारतीय सिंधी फिल्म 'अबाना' में काम किया. अबाना के लिए उन्हें एक रुपए का टोकन बतौर मेहनताना दिया गया.
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साधना ने कई हिट फिल्मों में काम किया. 1960 में आई लव इन शिमला उनकी पहली सुपरहिट फिल्म थी. इसमें साधना ने लीड एक्ट्रेस का किरदार निभाया था. फिर साधना ने परख, हम दोनों, प्रेम पत्र, मनमौजी, एक मुसाफिर, एक हसीना, असली-नकली, मेरे महबूब, वो कौन थी, राजकुमार, वक्त, आरजू, मेरा साया, एक फूल दो माली जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों के दिलों पर राज किया.
(फोटो क्रेडिट: बॉलीवुड डायरेक्ट)
साधना का नाम उनके पिता ने अपनी पसंदीदा डांसर साधना बोस के नाम से प्रेरित होकर रखा था. 1963 की ब्लॉकबस्टर फिल्म मेरे मेहबूब में साधना ने हुस्न बानो का यादगार किरदार निभाया था. दरअसल, फिल्म में बुर्का पहने लुक में दर्शकों ने उन्हें खूब पसंद किया. साधना के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म उल्फत की नई मंजिलें थीं. यह फिल्म 1994 में आई थी.
(फोटो क्रेडिट: फिल्म असली-नकली ग्रैब)
उनके गाने 'झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में', अभी ना जाओ छोड़कर और लग जा गले गाने बॉलीवुड के सदाबहार गानों में शुमार हैं. फिल्मों के अलावा लाइफस्टाइल में भी साधना के नाम पर इजाद साधना हेयरकट काफी पॉपुलर हेयरस्टाइल है.
दरअसल, चौड़े माथे के कारण लव इन शिमला फिल्म के डायरेक्टर आरके नय्यर ने फिल्म के लिए उन्हें यह हेयरस्टाइल अपनाने को कहा. बाद में उनकी यह फिल्म और साधना का हेयरस्टाइल बहुत पॉपुलर हुआ. यह फिल्म 1960 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल है. 1966 में साधना और आरके नय्यर ने शादी की.
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक साधना आंखों के डिस्ऑर्डर 'हाइपरथाईरॉडिज्म' से जूझ रही थीं. यही वजह है कि फिल्मों को अलविदा कहने के बाद उनके बारे में मीडिया में कम ही चर्चा हुई. उन्होंने अपनी फोटो खींचने से मना कर दिया था.
(फोटो क्रेडिट: फिल्म परख ग्रैब)
बहुत कम लोग जानते हैं कि करीना कपूर और करिश्मा कपूर की मां बबीता, साधना की कजिन थीं. लेकिन रिश्तेदारी में होने के बावजूद दोनों का मिलना कम ही होता था. उन्हें आखिरी बार मई 2014 में आयोजित एक फैशन शो में डिजाइनर शायना एनसी और विक्रम फडनीस के लिए रैंप वॉक करते देखा गया था. इस शो में वे कैंसर और एड्स पीड़ितों को सपोर्ट करने के लिए पहुंची थीं.
बॉक्स ऑफिस पर साधना की कई फिल्मों ने अच्छा परफॉर्म किया, लेकिन इसके बावजूद साधना को कभी अवार्ड्स नहीं मिले. हां, फिल्म वो कौन थी और वक्त के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस कैटेगरी में चुना गया था. साल 2002 में IIFA ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में योगदान देने के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा था. उनका निधन दिसंबर 2015 में हिंदुजा अस्पताल में हुआ.
(फोटो क्रेडिट: नेशनल फिल्म आर्काइव, तस्वीर में सुनील दत्त, शशि कपूर, बलराज साहनी, राजकुमार, शर्मिला टैगोर सहित दो अन्य कलाकार मौजूद हैं)