महेश बाबू ने महज 4 साल की उम्र में तेलुगू फिल्म नीडा से डेब्यू किया था. इसके बाद महेश ने कई साउथ इंडियन फिल्मों में काम किया. बचपन में सफलता का स्वाद चखने वाले महेश बाबू की ये सक्सेस आज भी कायम है. लेकिन हर किसी एक्टर को ऐसा मुकाम हासिल नहीं मिलता. आइए जानते हैं उन हिंदी सिनेमा के उन मशहूर चाइल्ड एक्टर्स के बारे में जो हीरो बनकर हिट नहीं हो पाए.
इमरान खान ने फिल्म कयामत से कयामत तक और जो जीता वही सिकंदर में युवा आमिर खान का रोल प्ले किया था. रियल लाइफ में वे आमिर खान के भांजे हैं. इमरान ने जाने तू या जाने ना से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. फिल्म सुपरहिट रही. लेकिन इसके बाद रिलीज हुई उनकी फिल्मों ने खास कमाई नहीं की. इमरान लंबे अरसे से फिल्मी दुनिया से गायब हैं.
जुगल हंसराज को कौन नहीं जानता. मासूम चेहरा, चॉकलेटी लुक्स वाला ये एक्टर आज सिल्वर स्क्रीन से दूर है. जुगल ने फिल्म मासूम में चाइल्ड एक्टर का रोल कर पॉपुलैरिटी पाई थी. मोहब्बतें फिल्म में उन्हें पसंद किया गया. लेकिन बाद में वे इंडस्ट्री में अपना चार्म नहीं बिखेर पाए.
आफताब शिवदासानी ने मिस्टर इंडिया, चालबाज, शहंशाह, इंसानियत, अव्वल नंबर जैसी हिट फिल्मों में बतौर चाइल्ड एक्टर काम किया. लेकिन ये कामयाबी हीरो के रूप में उन्हें नसीब नहीं हुई.
बतौर चाइल्ड एक्टर कुणाल खेमू ने राजा हिंदुस्तानी, जख्म, हम हैं राही प्यार के में काम किया. वे कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं, बतौर लीड वे फेल रहे हैं. सपोर्टिंग रोल्स में कुणाल ज्यादा दिखते हैं. अब कुणाल डिजिटल दुनिया में कदम रखा है.
पॉपुलर सिंगर उदित नारायण के बेटे आदित्य नारायण बचपन की तरह आज भी क्यूट दिखते हैं. उन्होंने बतौर चाइल्ड एक्टर फिल्म जब प्यार किसी से होता है, परदेस, रंगीला में काम किया. उनकी डेब्यू फिल्म शापित बुरी तरह पिटी. इस हार से सबक सीखते हुए आदित्य ने टीवी का रुख किया. आज वे पॉपुलर होस्ट और सिंगर हैं.