एस एस राजामौली ने 25 साल में बनाई हैं 12 फिल्में, हर मूवी में दिखी सुपरस्टार्स की ग्रैंड एंट्री

इंडियन सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर एसएस राजामौली अपनी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनके फिल्मों की सबसे खास बात उनके हीरोज की एंट्री होती है. जानिए अब तक बनाई गई उनकी 12 फिल्मों में हीरो ने कैसे एंट्री ली?

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एस एस राजामौली और उनके हीरोज की एंट्री (Photo: ITGD) एस एस राजामौली और उनके हीरोज की एंट्री (Photo: ITGD)

शिखर नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:49 AM IST

इंडियन सिनेमा में एस एस राजामौली एक ऐसा नाम है, जो पर्दे पर अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है. पिछले 25 सालों से राजामौली लगातार सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. उनकी फिल्मों की सबसे खास बात होती है 'हीरो' की एंट्री. जो उनकी सफलता के पीछे का कारण भी बनती हैं. 

राजामौली अपने किरदारों को सिर्फ पेश नहीं करते, बल्कि उन्हें एक 'लार्जर दैन लाइफ' छवि के साथ दर्शकों के सामने लाते हैं. अब तक उन्होंने 12 फिल्में बनाई हैं और हर फिल्म में हीरो की पहली झलक एक दम खास रही. इसी कड़ी में सोशल मीडिया पर एक यूजर ने उनकी सभी फिल्मों में हीरो की एंट्री का एक वीडियो शेयर किया है, जो काफी वायरल हो रहा है.

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राजामौली की शुरुआती फिल्मों में 'स्टूडेंट नंबर 1' (2001) और 'सिम्हाद्री' (2003)  ने जूनियर एनटीआर को एक मास हीरो के रूप में पेश किया. 'स्टूडेंट नंबर 1' में एनटीआर एक साधारण स्टूडेंट के रूप में दौड़ते हुए एंट्री करते हैं, जबकि 'सिम्हाद्री' की एंट्री फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में दर्ज है. इसमें जूनियर एनटीआर को श्री कृष्ण के एक भव्य पोस्टर से उनके हाथ से सुदर्शन चक्र लेते हुए दिखाया गया.

फिल्म 'चैलेंज' (Sye) (2004) में नितिन एक रग्बी खिलाड़ी के रूप में नजर आते हैं. उनकी एंट्री स्लोमोशन बाइक और सड़क पर पड़े पानी को चिरते हुए स्वैग से होती है. इसके बाद 'छत्रपति' (2005) में प्रभास की एंट्री ने सिनेमाघरों में तहलका मचा दिया था. समुद्र के अंदर से निकलते हुए प्रभास की उस एंट्री ने उन्हें एक 'एक्शन आइकन' बना दिया.

रवि तेजा-एनटीआर का 'मास' अवतार 
'विक्रमारकुडु' (2006) में रवि तेजा को पुलिस के अवतार में देखा गया लेकिन उनकी एंट्री पंडित के अवतार में होती है. उनका ये अनोखा स्टाइल आज भी मीम्स में वायरल होता है. वहीं फिल्म 'यमाडोंगा' (2007) में जूनियर एनटीआर की एंट्री टाइगर के तौर में दिखाई गई. इस फिल्म में राजामौली ने एनटीआर को एक बिल्कुल नए और स्लिम अवतार में पेश किया था, जिसने फैंस को हैरान कर दिया था.

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वहीं, 'मगधीरा' (2009) में राम चरण की एंट्री किसी योद्धा से कम नहीं थी. एक आधुनिक बाइक स्टंट से लेकर प्राचीन योद्धा के अवतार तक, राजामौली ने राम चरण को एक ऐसे नायक के रूप में दिखाया.

'मर्यादा रमना' (2010) में राजामौली ने लीक से हटकर कॉमेडियन सुनील को हीरो बनाया. उनकी एंट्री एक साधारण साइकिल के साथ फूलों की बारिश के बीच होती है, जो फिल्म के हल्के-फुल्के मिजाज को बखूबी बयां करती है. ये मीम्स में भी इस्तेमाल की जाती है.

वहीं, 'ईगा' (2012)  में नानी की एंट्री एक प्रेमी के रूप में होती है, जो अपनी खिड़की से अपनी प्रेमिका को देख रहा होता है.  

प्रभास का 'बाहुबली' अवतार
'बाहुबली : द बिगनिंग' (2015) और 'बाहुबली: द कॉन्क्लूजन' (2017)  ने भारतीय सिनेमा के मायने बदल दिए. पहली फिल्म में प्रभास की झरने के साथ की गई एंट्री और शिवलिंग को कंधे पर उठाना एक अलग सिनेमा था. जो पहले कभी नहीं देखा गया.

वहीं, दूसरी फिल्म में 'अमरेन्द्र बाहुबली' के रूप में उनकी एंट्री, जिसमें वह एक विशाल रथ को अकेले ही खींचते हुए नजर आते हैं. यह राजामौली के विजन का अब तक का सबसे बेहतरीन सीन था. जिसे लोगों ने काफी पसंद किया.

राम चरण और एनटीआर जुगलबंदी
राजामौली की आखिरी रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर 'RRR' (2022)  में दो हीरोज की अलग-अलग और यादगार एंट्री दिखाई गई. राम चरण की एंट्री एक विशाल भीड़ के बीच एक निडर पुलिस वाले के रूप में होती है, जो अकेले ही सैकड़ों लोगों से भिड़ जाता है.

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वहीं, जूनियर एनटीआर (भीम) की एंट्री जंगलों के बीच शेर का सामना करने के साथ होती है, जो उनकी शक्ति और प्रकृति के साथ उनके लगाव को दर्शाती है. 

वाराणसी का इंतजार
अब सभी को उनकी अपकमिंग फिल्म वाराणसी का इंतजार है, देखना दिलचस्प होगा कि वो महेश बाबू की कैसी एंट्री करवाते हैं. हालांकि टीजर में महेश बाबू को नंदी पर सवार देखा गया है, जो हाथ में त्रिशूल लिए हैं. ये सीन काफी चर्चा में बना हुआ है.

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