Oscar Nomination 2026: रेस से बाहर हुई होमबाउंड, टूटीं फैन्स की उम्मीद

करण जौहर की फिल्म 'होमबाउंड' ऑस्कर्स 2026 के लिए नॉमिनेट होने से चूक गई. आखिरी राउंड में फिल्म को अकैडमी अवॉर्ड्स के लिए सेलेक्ट नहीं किया गया. फैंस इस न्यूज से काफी निराश होंगे.

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करण जौहर की फिल्म 'होमबाउंड' (Photo: Screengrab) करण जौहर की फिल्म 'होमबाउंड' (Photo: Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:18 PM IST

'ऑस्कर्स 2026' की फाइनल नॉमिनेश लिस्ट सामने आ चुकी है. दुनियाभर से चुनी गईं कुछ बेहतरीन फीचर फिल्में इस साल अकैडमी अवॉर्ड्स जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगाती दिखेंगी. हालांकि इसमें भारत की ओर से चुनी गई 'होमबाउंड' अपनी जगह बनाने में नाकामयाब हुई. अंतिम राउंड में फिल्म को ऑस्कर के नॉमिनेशन से बाहर होना पड़ा.

ऐसी थी करण जौहर की फिल्म 'होमबाउंड' की जर्नी

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फिल्म 'होमबाउंड' की जर्नी इंटरनेशनल लेवल पर काफी शानदार रही है. इसने इंडिया में रिलीज होने से पहले कई सारे फिल्म फेस्टिवल्स में भाग लिया था. कांस, टोरंटो, मेलबर्न जैसे शहरों में हुए फिल्म फेस्टिवल्स में 'होमबाउंड' का जलवा देखा गया. वहां फिल्म ने अपने नाम कई अवॉर्ड्स भी किए. बहुत सारे हॉलीवुड सेलेब्स ने भी इस फिल्म की जमकर तारीफ की. 

ऑस्कर्स 2026 के लिए 'होमबाउंड' ने बेहद लंबा सफर तय किया. इस दौरान फिल्म मेकर करण जौहर को काफी पैसा भी खर्चा करना पड़ा था. हालांकि उन्हें इस फिल्म पर पूरा भरोसा रहा. उन्होंने डायरेक्टर नीरज घेवान के साथ मिलकर इस फिल्म में क्रिएटिवली काफी काम किया. 

थिएटर्स में नहीं, ओटीटी पर दिखा 'होमबाउंड' का जलवा

'होमबाउंड' इंडिया में जब थिएटर्स में लगी, तो ये उतना बिजनेस नहीं कर पाई जितनी इससे उम्मीदें थीं. फिल्म का कलेक्शन काफी खराब था. लेकिन जब ये ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आई, तब इसे और पहचान मिलनी शुरू हुई. लोगों ने इसकी कहानी और एक्टिंग की जमकर तारीफ की. 

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ईशान खट्टर और विशाल जेठवा स्टारर 'होमबाउंड' क्रिटिक्स की पसंदीदा फिल्मों में से एक बनी. सोशल मीडिया पर फिल्म की चर्चा तेज हुई और डायरेक्टर नीरज घेवान की भी तारीफें हुई. 'मसान' जैसी फिल्म बनाने के बाद, 'होमबाउंड' ने उन्हें वो पहचान दिलाई, जिसकी हर फिल्म मेकर उम्मीद करता है. 

क्या है 'होमबाउंड' की कहानी?

'होमबाउंड' एक ऐसी कहानी है जिसमें दो पक्के दोस्त शोएब और चंदन पुलिस की नौकरी चाहते हैं. दोनों खूब मन लगाकर पढ़ाई करते हैं लेकिन परिवार की हालत सही नहीं होने के चलते, उन्हें अलग से नौकरी की तलाश करनी पड़ती है. शोएब और चंदन इसी दौरान मजदूरी का काम करना शुरू करते हैं. मगर तभी कोविड-19 आ जाता है और सभी जगह लॉकडाउन लगता है. शोएब और चंदन पैदल ही अपने घर की तरफ निकल जाते हैं. इस बीच उन्हें कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.  

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