सैफ अली खान की नई फिल्म 'कर्तव्य' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. इसमें आप सैफ को एकदम अलग रोल में देखेंगे. पिक्चर की कहानी पवन के इर्द-गिर्द घूमती है. पवन, जमाली थाने में एसएचओ है. उसकी जिंदगी की दुविधा वो ट्रेलर की शुरुआत में ही बता देता है. वो कहता है- धर्म करते हैं, कर्म छूटता है, कर्म करते हैं धर्म छोटता है, कर्तव्य तक तो बात ही नहीं पहुंचती.
'कर्तव्य' एक क्राइम थ्रिलर है, जिसमें आप सैफ अली खान के किरदार पवन को बड़ी दिक्कतों में उलझते, दुविधा में फंसते और खुद को साबित करने की लड़ाई करते देखेंगे. ट्रेलर में वो अपना कर्तव्य निभाने और परिवार को संभालने के बीच अटका हुआ है. उसका बॉस उसके सिर पर है और सभी चीजें उसके हाथों से मानों फिसलती जा रही हैं.
इस सबके बीच उसे अनंत श्री नाम के शख्स के बारे में पता चलता है. शक्ल से ही दरिंदा दिखने वाला अनंत, असल जिंदगी में भी उतना ही खराब है. वो बच्चों से गलत काम करवाता है. जब वो काम के नहीं रहते तो उन्हें गायब कर देता है. अब पवन के निशाने पर अनंत आ चुका है. उसका मकसद है एक लड़के को बचाना. मगर उसके इस कर्तव्य को पूरा करने के आड़े कई अड़चनें हैं. उसे अपनी जान की बाजी भी लगानी पड़ सकती है. वो ये सब कैसे करेगा ये तो फिल्म देखकर ही पता चलने वाला है.
फिल्म में सैफ अली खान, रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा, मनीष चौधरी, जाकिर हुसैन अहम रोल्स निभा रहे हैं. डायरेक्टर पुलकित की बनाई फिल्म 'कर्तव्य', 15 मई को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी. इसे गौरी खान ने रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है.
शाहरुख ने ऑफर किया था रोल
फिल्म 'कर्तव्य' का ट्रेलर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस बीच सैफ अली खान ने अपने नए इंटरव्यू में बताया कि शाहरुख खान ने खुद उन्हें इस पिक्चर में रोल ऑफर किया था. न्यूज18 संग बातचीत में सैफ ने कहा, 'मेरी शाहरुख के साथ लंबी और बेहतरीन दोस्ती रही है. मैं उन्हें कई-कई तरीकों से देखता और उनका सम्मान करता हूं. मेरी उनसे एक छोटी मुलाकात हुई थी. उन्होंने कहा कि एक बहुत अच्छी स्क्रिप्ट है और वे चाहते हैं कि मैं उसे सुनूं और फिल्म करूं. मैंने स्क्रिप्ट सुनने और डायरेक्टर पुलकित से मिलने की पूरी प्रक्रिया पूरी की.'
उन्होंने आगे बताया, 'जब शूटिंग खत्म हुई और शाहरुख ने फिल्म देखी, तो उन्होंने कहा कि यह एक बहुत अच्छी फिल्म है. वे इससे काफी खुश हैं. यही मेरी उनके साथ बातचीत की लिमिट रही. मैं उनसे सेट पर नहीं मिला, क्योंकि वे उन प्रोड्यूसर्स में से हैं जो मानते हैं कि डायरेक्टर को पूरी आजादी मिलनी चाहिए कि वह अपनी फिल्म जैसी चाहे बना सके. कभी-कभी सेट पर कुछ लोगों की मौजूदगी भारी पड़ सकती है और वे इसे समझते हैं. उन्होंने हमें फिल्म बनाने के लिए बहुत सारा स्पेस दिया. तो यही उनकी भागीदारी थी. मुझे लगा कि मैं उनके प्रोडक्शन के लिए उनकी संवेदनाओं के साथ काम कर रहा हूं. लेकिन इसके लिए रोजाना उनकी मौजूदगी जरूरी नहीं थी.'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क