'धुरंधर द रिवेंज': यलीना को कैसे पता नहीं चली हमजा की हकीकत? उड़ा था मजाक, आदित्य धर ने दिया जवाब

'धुरंधर द रिवेंज' में रणवीर सिंह ने जसकीरत सिंह रांगी और हमजा अली मजारी का किरदार निभाया है. लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई मीम्स भी बने, जिसका जवाब फिल्म के डायरेक्टर ने दे दिया है.

Advertisement
जसकीरत सिंह रांगी कैसे बना हमजा? (Photo: X/@jiostudios) जसकीरत सिंह रांगी कैसे बना हमजा? (Photo: X/@jiostudios)

शिखर नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:50 AM IST

फिल्म 'धुरंधर' जब बड़े पर्दे पर आई थी, तो अपनी कहानी के साथ-साथ यह सोशल मीडिया पर मीम्स की वजह से भी खूब चर्चा में रही थी. सोशल मीडिया पर एक से बढ़कर एक मीम्स वायरल हुए, जिनमें से एक 'डार्क ह्यूमर' वाला मीम काफी सुर्खियों में रहा था. इस मीम में फिल्म के किरदारों यलीना (सारा अर्जुन) और हमजा (रणवीर सिंह) के रिश्ते पर चुटकी ली गई थी.

Advertisement

लोग सवाल उठा रहे थे कि आखिर हमजा की पत्नी बनी यलीना को यह कैसे पता नहीं चला कि हमजा मुस्लिम नहीं हैै,वो जासूस है ? यह सवाल दोनों के फिजिकल रिलेशन और हमजा की असली पहचान को लेकर था. लेकिन अब फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर, जो अपनी 'पीक डिटेलिंग' के लिए मशहूर हैं, फिल्म के दूसरे पार्ट 'धुरंधर 2' में इस वायरल सवाल का जवाब दे दिया है. 

आदित्य धर ने फिल्म से दिया जवाब
'धुरंधर' की रिलीज के बाद ऑडियंस ने फिल्म के लॉजिक पर सवाल उठाए थे. वायरल मीम में हमजा और यालिना के रिलेशनशिप का हवाला देते हुए पूछा गया था कि एक जासूस अपनी पहचान इतनी गहराई से कैसे छिपा सकता है कि उसके सबसे करीबी इंसान को भी भनक न लगे? यह मीम देखते ही देखते इतना फैल गया कि हर कोई इसके पीछे के तर्क को ढूंढने लगा. फिल्म के पहले पार्ट में इसका जवाब भले ही न मिला हो, लेकिन आदित्य धर ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और सीक्वल में इसकी पूरी गुत्थी सुलझा दी.

Advertisement

 
दिखाया हमजा बनने का मुश्किल सफर
आदित्य धर ने 'धुरंधर 2' में 'पीक डिटेलिंग' का नमूना पेश करते हुए दिखाया है कि जसकीरत सिंह रांगी आखिर हमजा अली मजारी बना कैसे? फिल्म के अंत में एक बेहद प्रभावशाली सीक्वेंस है, जो यह बताता है कि पाकिस्तान में एक 'डीप कवर' एजेंट के तौर पर घुसने के लिए कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे जसकीरत को अपनी असल पहचान छोड़कर पूरी तरह इस्लाम धर्म को अपनाना पड़ता है.

फिल्म की सबसे बड़ी हाईलाइट वह हिस्सा है, जहां पहचान पुख्ता करने के लिए जासूस के शरीर में किए फिजिकल बदलाव को दिखाया है. मिशन की कामयाबी और अपनी असली पहचान को पूरी तरह से मिटाने के लिए फिल्म में खतना (Circumcision) की प्रक्रिया की एक झलक दिखाई है. जो डॉक्टरों की देखरेख में होता है.

फिजिकल बदलाव के अलावा फिल्म में जसकीरत के मानसिक सोच के बदलावों को भी बखूबी दिखाया गया है. उसे इस्लामी धर्मशास्त्र और कुरान की आयतें जुबानी याद कराई जाती हैं, ताकि वह किसी भी मोड़ पर अपनी जानकारी या लहजे से पकड़ा न जाए. नमाज पढ़ने के तरीके से लेकर स्थानीय बोलचाल तक, उसे एक मुकम्मल पाकिस्तानी के तौर पर तैयार किया जाता है.

आदित्य धर ने इन दृश्यों के जरिए यह साबित कर दिया है कि एक जासूस का जीवन कितना चुनौतीपूर्ण और 'बलिदानों' से भरा होता है, जहां पहचान छिपाना सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि पूरी तरह दूसरा इंसान बन जाना है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement