'रहमान, डकैत नहीं मसीहा था', बोले पाकिस्तानी, 'धुरंधर 2' देखकर उड़ी नींद

'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' दोनों ही फिल्मों में पाकिस्तान के ल्यारी को दिखाया गया है. ये वो जगह है, जहां कभी गैंगस्टर रहमान बलोच उर्फ रहमान डकैत रहा करता था. साल 2011-2012 में ल्यारी में गैंग वॉर हुआ करती थीं. फिल्म को लेकर अब पाकिस्तान के दर्शकों का रिएक्शन सामने आ गया है.

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पाकिस्तानी दर्शकों ने देखी 'धुरंधर 2' (Photo: IMDb) पाकिस्तानी दर्शकों ने देखी 'धुरंधर 2' (Photo: IMDb)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2' सिनेमाघरों में धूम मचा रही है. पिक्चर को लेकर दर्शकों में बीते तीन महीने से जबरदस्त क्रेज था. दिसंबर 2025 में 'धुरंधर' की रिलीज के बाद सभी को उसके आगे की कहानी जानने में दिलचस्पी थी. अब जब पूरी कहानी खुल गई है तो दर्शक तृप्त हो गए हैं. पिक्चर का स्वागत खुले हाथों से किया गया और इसे खूब प्यार दिया जा रहा है. बॉक्स ऑफिस पर इसने रिलीज से पहले ही रिकॉर्ड बनाने और तोड़ने शुरू कर दिए थे.

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'धुरंधर' और 'धुरंधर: द रिवेंज' दोनों ही फिल्मों में पाकिस्तान के ल्यारी को दिखाया गया है. ये वो जगह है, जहां कभी गैंगस्टर रहमान बलोच उर्फ रहमान डकैत रहा करता था. साल 2011-2012 में ल्यारी में गैंग वॉर हुआ करती थीं. पिक्चर में भारत की तरफ से भेजा गया एजेंट हमजा अली मजहरी, रहमान के गैंग में घुसता है और पाकिस्तानी के आईएसआई, गैंगस्टर्स और आतंकवादियों के प्लान का पता लगाकर उन्हें खत्म करता है. ये मिशन उसे दाऊद इब्राहिम तक ले जाता है, जो अब वैसा नहीं दिखता, जैसा हम सभी ने एक वक्त पर उसे देखा था.

कैसा है धुरंधर 2 पर पाकिस्तान का रिएक्शन?

देश और दुनियाभर में रिलीज हुई 'धुरंधर 2' को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस पीच पाकिस्तान के ल्यारी में रहने वाले लोगों का इसे लेकर क्या कहना है? पाकिस्तान के ही एक यूट्यूब चैनल ने ल्यारी में रहने वालों से 'धुरंधर 2' को लेकर बात की. यहां लोगों का रिएक्शन काफी सख्त था. एक शख्स ने कहा, 'इंडिया साजिश कर रही है ल्यारी को बदनाम करने के लिए. सरदार रहमान ल्यारी का हीरो था. वो ल्यारी के गरीबों का रहनुमा था. ल्यारी में अभी अमन है. रहमान ने यहां पानी लाया. उसने स्कूल बनाए. डकैत नाम बदनाम करने के लिए रखा हुआ है. उनके खिलाफ एक भी डकैती की FIR नहीं हुई है.' 

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एक दूसरे शख्स ने कहा, 'डायरेक्टर से पूछो उजैर और रहमान को देखा है, दाऊद से मिले हैं, जो फिल्म बना रहे हैं. उस वक्त ल्यारी में खौफ था, कोई यहां नहीं आता था. हमारे ऊपर फिल्म बनाकर कमा रहे हैं इंडिया वाले. वो पैसे पाकिस्तान को मिलने चाहिए. पाकिस्तान ने बनाई होती और पैसे कमाती तो कर्जा माफ होता पाकिस्तान का. ल्यारी के अंदर इतना टैलेंट है, कोई नहीं आता पूछने वाला. सच्चाई नहीं है फिल्म में. असलम चौधरी को दिखाया गया है कि वो बिना गियर के घूम रहे हैं. यहां बलोचों का इतना खौफ था कि वो अंदर ही नहीं आते थे. चील चौक से आगे नहीं बढ़ते थे. ये जो फिल्म में दिखाया है कि आ रहे हैं, ल्यारी में घुस रहे हैं, ये सब झूठ है.'

एक और शख्स ने कहा, 'ल्यारी में आएं फिल्म बनाएं. तभी तो फिल्म बनेगी, वरना कैसे बनेगी. हमारे ल्यारी का क्या दिखाया है. जब ल्यारी के हालात खराब थे तब कोई कुछ करता ही नहीं था. मारधाड़ उनकी होती थी जो गलत होते थे. अल्लाह दिखा रहे हैं, जो गलत करते गए, वो भुगत रहे हैं. ल्यारी के लोग ऐसे थोड़ी हैं. गलत फिल्म बनाई है. हमारे बच्चों पर इसका गलत असर पड़ रहा है.'

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पाकिस्तानी सिनेमा में 'मेरा ल्यारी' नाम से फिल्म बनी थी. लोगों से इसके बारे में पूछे जाने पर पता चला कि इसके बारे में किसी को नहीं पता है. जाहिर है कि पिक्चर फ्लॉप हुई थी. ऐसे में बहुत-से लोगों ने माना कि इंडिया की फिल्मों की क्वालिटी में बड़ा फर्क होता है. भारत का सिनेमा पाकिस्तान के सिनेमा से काफी बेहतर है.

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