दिग्गज एक्ट्रेस बिंदू ने अपने करियर में 160 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है, वो 85 साल की हो चुकी हैं, लेकिन आज भी एक्टिव हैं. बावजूद इसके उन्हें जिंदगी में एक बात का अफसोस जरूर रह गया है. इसका जिक्र उन्होंने हाल ही में किया. वो है- मां न बन पाना.
शादी के खिलाफ थे ससुरालवाले
बिंदू 15 साल की थीं जब उनकी मुलाकात बिजनेसमैन चंपकलाल जावेरी से हुई थी. 18 की उम्र में दोनों ने शादी कर ली. हालांकि ये शादी ससुरालवालों की मर्जी के बिना हुई थी. बिंदू बताती हैं कि उनके पिता गुजर चुके थे, उनकी बहनों की जिम्मेदारी उनके सिर थी, इस वजह से वो चंपकलाल जावेरी को बता चुकी थीं कि वो अपना घर छोड़कर ससुराल नहीं जा सकतीं, पति तो इस शर्त के लिए मान गए, लेकिन उनके ससुरालवाले नहीं मानें.
उन्होंने अपने बेटे को ही घर और जायदाद से बेदखल कर दिया ताकी वो घर लौटकर आ जाए. लेकिन चंपकलाल जावेरी तब भी नहीं माने और बिंदू से शादी की.
मां न बन पाने का रहा अफसोस
विक्की लालवानी से बातचीत में बिंदू बताती हैं कि इसके बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था. उन्होंने निगेटिव रोल के बाद कैबरे डांस तक किया लेकिन पति ने कभी ऐतराज नहीं जताया. इतना खुशहाल जीवन होने के बावजूद उन्हें बच्चे की कमी खलती रही. बिंदू ने जब कंसीव किया तो करियर से ब्रेक लिया. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, उनका 6 महीने में मिसकैरिज हो गया.
बिंदू कहती हैं- मैं बेबी प्लान कर रही थी, उस वक्त मैंने दो-तीन फिल्में छोड़ दी थी. लेकिन 6 महीने के बाद मेरा मिसकैरेज हो गया और उसके बाद मैं कभी कंसीव नहीं कर पाई. इसके बाद मैं डॉक्टर पैट्रिक स्टेपटो (जिन्होंने टेस्ट ट्यूब बेबी का इंवेंशन किया था) तक के पास गई थी. मैं लंदन गई थी. कैम्ब्रिज में उनका बहुत बड़ा सेटअप था, मैं और मेरे पति वहां 3 महीने रहे. लेकिन हुआ क्या कि इनका भी बिजनेस सफर करता था, और वहां पर भी कोई गारंटी नहीं थी. हमें पूरा एक साल वहां रहना होगा. तभी ट्रीटमेंट हो सकता था. तो बहुत मुश्किल होता था.
पति ने हरपल दिया निभाया साथ
बिंदु ने बताया कि इसके बाद पति ने खुद ही कह दिया कि छोड़ दो, अगर अपने नसीब में ही नहीं है तो पीछा करना ही नहीं है. इस वजह से मैं इंडस्ट्री से थोड़ी दूर हो गई थी.
बिंदू ने कहा कि- मुझे बस एक अफसोस रह गया कि मैं मां नहीं बन सकी, लेकिन अब उसका भी कोई रंज नहीं है. क्योंकि जो मेरी बहन के बच्चे हैं वो मेरे बच्चे जैसे ही हैं. तो कोई बात नहीं, जब नहीं लिखा होता है नहीं होता है तो उसके पीछे फिर भागना कोई जरूरी नहीं. उसमें मायूस होकर बैठे रहने से पूरी जिंदगी वहीं रुक जाएगी. मैं और मेरे पति दोस्त जैसे हैं. हमारे बीच अब भी बहुत मोहब्बत है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क