‘मुल्क’ और ‘थप्पड़’ जैसी दमदार फिल्में दे चुके डायरेक्टर अनुभव सिन्हा की नई फिल्म ‘अस्सी’ रिलीज हो चुकी है. रेप जैसे सेंसिटिव और जरूरी मुद्दे पर सबसे जरूरी सवाल उठाती इस फिल्म में अनुभव ने एक बार फिर तापसी पन्नू पर भरोसा जताया है.
‘अस्सी’ को बहुत तगड़े रिव्यूज मिले और तापसी के साथ-साथ कनि कुश्रुति, जीशान अयूब, कुमुद मिश्रा के काम की खूब तारीफें हुईं. मगर इतनी दमदार फिल्म होने के बावजूद ‘अस्सी’ को बॉक्स ऑफिस पर जैसा रिस्पॉन्स मिला है, वो दर्शकों की चॉइस पर भी सवाल खड़े करता है.
‘अस्सी’ का बिजनेस और सोशल फिल्मों का स्ट्रगल
डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने हाल ही में कहा कि वो अपनी तरफ से ‘अस्सी’ की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस की पब्लिसिटी नहीं करेंगे. उनका मानना है कि इससे दर्शकों का फिल्म के साथ कनेक्ट बिगड़ता है. अनुभव की अपनी चॉइस का सम्मान तो होना ही चाहिए, लेकिन ‘अस्सी’ की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस पर नजर रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि मामला उनकी फिल्म से बड़ा होता जा रहा है.
सोशल मीडिया से लेकर आपसी बातचीत तक कई बार लोग शिकायत करते मिलते हैं कि अब सोशल मुद्दों पर दमदार फिल्में नहीं बन रहीं. वही एक्शन, ड्रामा, रोमांस और थ्रिलर! इसलिए आज जब ‘अस्सी’ जैसी झिंझोड़ देने वाली फिल्म थिएटर्स में है तो ये देखना भी जरूरी है कि जनता से इसे क्या रिस्पॉन्स मिल रहा है. पिछले कुछ सालों से जनता ऐसी फिल्मों का हाथ छोड़ती जा रही है जो समाज से जुड़े जरूरी मुद्दों पर बात करती हैं. और ये कहना गलत नहीं है कि ओपनिंग डे पर जनता ने ‘अस्सी’ को थोड़ा निराश किया है.
रेप जैसे मुद्दे पर बुनी गई फिल्मी कहानियों में अक्सर जो सबसे जरूरी बातें मिसिंग रहती थीं, जो सबसे जरूरी सवाल छूट जाते थे, वो सब ‘अस्सी’ में हैं. इसके ट्रेलर को जनता से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला था, लेकिन फिल्म के टिकट खरीदने में फिर वही सुस्ती नजर आई जो लॉकडाउन के बाद से ऐसी सोशल मैसेज वाली फिल्मों को कमजोर कर रही है.
‘अस्सी’ का ओपनिंग कलेक्शन
ट्रेड रिपोर्ट्स बताती हैं कि पहले दिन ‘अस्सी’ ने करीब 1 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. ये ‘अस्सी’ के साथ ही रिलीज हुई एक लव स्टोरी की ओपनिंग से भी थोड़ा कम है. जबकि ‘अस्सी’ को जनता तक पहुंचाने, इसके लिए अवेयरनेस क्रिएट करने में ग्राउंड पर इस लव स्टोरी से ज्यादा ही एफर्ट्स किए गए हैं.
लॉकडाउन के बाद से ही लिमिटेड बजट में बनी सोशल मैसेज वाली फिल्मों को वैसे दर्शक नहीं मिल रहे जैसे पहले मिल जाते थे. हाल ये है कि बनकर तैयार ऐसी कई फिल्मों को खरीदार नहीं मिल रहे. अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी वही फिल्में उठाती हैं जिन्हें बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला होता है. इसलिए ऐसी फिल्मों को अब ओटीटी पर जगह मिलना मुश्किल हो जाता है.
‘अस्सी’ को जैसे रिव्यूज मिले और इसे देखकर लौटे दर्शक जैसी राय बता रहे हैं, उस आधार पर शुक्रवार को दोपहर बाद इसे अच्छा ग्रोथ मिलना चाहिए था. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि जनता आगे ‘अस्सी’ को मौका देती है या नहीं.
सुबोध मिश्रा