आशा भोसले का बैन गाना, लता मंगेशकर-उषा को हुआ ऑफर, ऐसे बदला फैसला

जीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम पर दिवंगत सिंगर आशा भोसले के आइकॉनिक गाने 'दम मारो दम' की अनसुनी कहानी साझा की है. उन्होंने बताया कि पहले ये गाना लता मंगेशकर और उषा उत्थुप के लिए बनाया गया था.

Advertisement
आशा भोसले के बैन गाने की कहानी (Photo: ITGD) आशा भोसले के बैन गाने की कहानी (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:00 AM IST

बॉलीवुड की लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले भले अब हमारे बीच नहीं हैं, मगर उनसे जुड़ी यादें कायम हैं. उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे गाने गाए हैं, जिन्हें आइकॉनिक माना जाता है. आशा भोसले ने 'दम मारो दम' जैसा विवादित गाना भी गाया, जिसे बाद में बैन होना पड़ा. अब इस गाने की बैकस्टोरी वेटरन एक्ट्रेस जीनत अमान ने शेयर की है. 

जीनत अमान अक्सर इंस्टाग्राम पर अपनी फिल्मों के क्लिप्स और फोटोज शेयर किया करती हैं, जिसमें वो या तो उस सीन या फिल्म से जुड़ी कहानी शेयर करती हैं. इस बार 'दम मारो दम' गाने की बारी आई. एक्ट्रेस ने बताया कि ये गाना कभी आशा भोसले गाने ही नहीं वाली थीं. इसे लता मंगेशकर और उषा उत्थुप के लिए बनाया गया था. 

Advertisement

आशा भोसले को कैसे मिला दम मारो दम गाना?

जीनत अमान ने आशा भोसले की याद में इस गाने की थ्रोबैक स्टोरी में लिखा, '19 साल की उम्र… सपनों से भरी, कुछ बड़ा करने की चाह, नए-नए एक्सपेरिमेंट करने का जोश—और ऐसा लगता है जैसे बड़ी कामयाब बस मिलने ही वाली है. अरे वाह. समझ नहीं आता कि ये बीते सालों का असर है या फिर उस समय की मारिजुआना, जिसने दम मारो दम की शूटिंग की यादों को मेरे दिमाग में एक खूबसूरत धुंध की तरह बसा दिया है. मैंने इस शूट की कहानी पहले भी सुनाई है, लेकिन ये यादें आज आशा जी की याद में ताजा कर रही हूं.'

'जैसा कि मैंने अपनी पिछली पोस्ट में बताया था, उन्होंने मुझे मेरी कामयाबी का सॉन्ग तोहफे में दिया था, और इसकी शुरुआत इसी गाने से हुई थी. दिलचस्प बात ये है कि दम मारो दम पहले एक डुएट गाना होने वाला था, जिसे आशा जी की बेहतरीन बड़ी बहन लता जी और शानदार टैलेंट वाली उषा उत्थुप गाने वाली थीं. लेकिन आर.डी. बर्मन की कुछ और ही सोच थी, और उन्हें लगा कि इस गाने के लिए आशा जी की वो खास, मादक आवाज ही सही रहेगी.'

Advertisement

जीनत अमान का ये गाना फिल्म हरे राम हरे कृष्ण से है, जो साल 1971 में आया था. इसे बैन करने की वजह नशीली चीजों और हिप्पी लाइफस्टाइल को प्रमोट करना बताया जाता है. साथ ही गाने में कुछ सीन्स ऐसे भी माने गए, जो थोड़े आपत्तिजनक थे. मगर समय रहते इस गाने को लोगों के बीच काफी पसंद किया गया. ये गाना आगे चलकर पार्टीज की जान बना और ऐसे करके आशा भोसले लोगों के दिलों में समा गईं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement