फिल्म 'तू या मैं' में नजर आ रहे एक्टर आदर्श गौरव, इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा हैं. उन्होंने कई बड़े स्टार्स के साथ काम किया है. इसमें शाहरुख खान भी शामिल हैं. शाहरुख की फिल्म 'माय नेम इज खान' में आदर्श को उनके यंगर वर्जन के रूप में देखा गया था. एक हालिया बातचीत में एक्टर ने बताया कि उन्हें यह रोल कैसे मिला. साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि सेट पर एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा और वरुण धवन ने उनके साथ एक प्रैंक किया था.
कैसे मिला आदर्श गौरव को रोल?
नयनदीप रक्षित के यूट्यूब चैनल पर आदर्श गौरव अपनी हीरोइन शनाया कपूर के साथ पहुंचे थे. दोनों मिलकर अपनी पिक्चर 'तू या मैं' का प्रमोशन कर रहे हैं. ऐसे में आदर्श ने शेयर किया कि उन्हें सबसे पहले फिल्म में शाहरुख खान के बेटे का रोल ऑफर किया गया था. एक्टर ने बताया, 'जब यह फिल्म शूट हुई थी, तब मैं 14 साल का था. मैंने असल में शाहरुख के बेटे के रोल के लिए ऑडिशन दिया था और वो मुझे नहीं मिला. मैं अपने पिता को दोष देता हूं कि उन्होंने मुझे लाइन्स कैसे सिखाईं. यह बहुत बुरा ऑडिशन था.'
निराश होकर यंग आदर्श ने सोचा था कि उनका मौका चूक गया. उन्होंने याद किया, 'बस स्टॉप पर इंतजार करते हुए मैं सोच रहा था, बस हो गया, मैं खत्म. मुझे शाहरुख की फिल्म में आने का एक मौका मिला था और मैंने उसे गंवा दिया.'
इस बात को कई महीने बीत गए और आदर्श अपना ऑडिशन लगभग भूल चुके थे, जब उन्हें फिर कॉल आया. उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे फिर ऑडिशन के लिए बुलाया. मैंने सोचा कि उन्होंने गलत इंसान को कॉल कर लिया है, क्योंकि मुझे पहले रिजेक्ट कर दिया गया था. लेकिन उन्होंने कहा कि वे मुझे दूसरे रोल के लिए चाहते हैं, शाहरुख खान के यंगर वर्जन के लिए.'
आदर्श को शाहरुख खान का एक क्लिप दिखाया गया और परफॉर्म करने को कहा गया. वो बोले, 'मैंने बस उनकी नकल की. उस समय मुझे एस्परगर सिंड्रोम के बारे में कुछ पता नहीं था. मुझे रोल मिल गया. उन्होंने कहा कि शाहरुख सर और मेरे बीच कुछ समानता है. शायद आंखें, मुझे नहीं पता. मुझे यकीन नहीं हो रहा था. उस रात मैं सो नहीं सका.'
सिद्धार्थ-वरुण ने किया था प्रैंक
'माय नेम इज खान' के सेट पर पहुंचने के बाद आदर्श गौरव के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर्स सिद्धार्थ मल्होत्रा और वरुण धवन ने तगड़ा प्रैंक किया था. सिद्धार्थ और वरुण उस समय बैकग्राउंड में काम कर रहे थे. उन्होंने हंसते हुए कहा, 'मुझे याद है कि उन्होंने मुझे कन्विंस किया कि एक सीन के लिए मुझे बहुत गंदे पानी में अंडरवाटर स्विम करके दूसरी तरफ से निकलना है. वे मुझे कॉल करते थे, 'आदर्श, तुम्हारा शॉट है.' मैं पूछता था कि सीन में मुझे क्या करना है. असल में मुझे बस साइकिल पर बैठकर पैडल करना था. लेकिन उन्होंने कहा, 'तुम्हें यहां से एंटर करना है, पानी में अंडरवाटर स्विम करके दूसरी तरफ पहुंचना है.' मुझे ठीक से तैरना नहीं आता था. मैं बहुत स्ट्रेस्ड था.'
आखिरकार उन्होंने क्लैरिटी के लिए डायरेक्टर करण जौहर से बात की. एक्टर ने बताया, 'मैं करण सर के पास गया और पूछा, 'क्या सीन बदल गया है? मुझे इसके बारे में नहीं पता था.' उन्होंने पूछा किसने बताया. मैंने कहा, 'सिड.' उन्होंने उन्हें सख्त नजर से देखा और कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, तुम्हें बस साइकिल पर बैठकर पैडल करना है.'
आदर्श की शाहरुख खान से पहली मुलाकात
आदर्श गौरव ने भले ही 'माय नेम इज खान' में यंग शाहरुख खान का रोल प्ले किया था. लेकिन फिल्म की शूटिंग के दौरान वे कभी सुपरस्टार से नहीं मिले. उनकी पहली मुलाकात बहुत बाद में हुई. एक इंटरव्यू में आदर्श ने बताया था कि अमिताभ बच्चन के घर प्रतीक्षा में वो पहली बार शाहरुख खान में मिले थे. उन्होंने बताया, 'यह पागलपन था. मैंने किसी तरह हिम्मत जुटाई और उनके पास गया. मैं मुंह खोलने ही वाला था कि उन्होंने शुरू कर दिया, 'मैं तुझे बताता हूं तू कौन है.'
शाहरुख खान ने फिर आदर्श के काम के बारे में खुलकर बात की. आदर्श ने कहा, 'तब मुझे सच में एहसास हुआ. मैं सोचता रहा, उनके पास इतना समय कैसे? यह आदमी 4 घंटे सोता है, 18 घंटे काम करता है, और फिर भी जानता है कि मैं कौन हूं. जो हो रहा था उससे मैं इतना शॉक्ड था कि मेरी आंखें भर आईं. मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह पल ऐसा होगा.'
आदर्श ने शाहरुख से गले लगने की इजाजत मांगी थी. उन्होंने याद किया, 'मैंने बस कहा, 'सर, क्या मैं आपको गले लगा सकता हूं, बहुत टाइट?' और उन्होंने हां कहा. फिर उन्होंने पार्टी में लगभग 40 मिनट तक मुझसे बात की, जहां वे किसी और से भी बात कर सकते थे. और यही शाहरुख खान हैं.'
2010 में रिलीज हुई फिल्म 'माय नेम इज खान' में शाहरुख खान और काजोल लीड रोल्स में थे. करण जौहर के निर्देशन में बनी यह फिल्म रिजवान खान नाम के शख्स की कहानी थी, जो एस्परगर सिंड्रोम से पीड़ित एक भारतीय मुस्लिम होता है और अमेरिका में रहता है. 9/11 के हमले के बाद रिजवान को भेदभाव झेलना पड़ता है, जिससे उसकी फैमिली टूट जाती है. वह अमेरिका के राष्ट्रपति से मिलने की यात्रा पर निकलता है ताकि उन्हें बता सके कि उसका नाम 'खान' है और वो टेरेरिस्ट नहीं है.
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