गुजरात में पलटा गेम! IPS की नौकरी छोड़कर हारे चुनाव, पूर्व MLA को भी पंचायत चुनाव में शिकस्त

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने विपक्षी दलों का सफाया कर दिया है. बीजेपी इस लहर में भी पार्टी के कई उम्मीदवार अपनी सीट नहीं बचा सके. इस फेहरिश्त में मनोज निनामा का नाम भी शामिल है, जो आईपीएस की नौकरी छोड़कर चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन जीत नहीं सके.

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बीजेपी की सुनामी में भी मनोज निनामा चुनाव नहीं जीत सके (Photo: Facebook) बीजेपी की सुनामी में भी मनोज निनामा चुनाव नहीं जीत सके (Photo: Facebook)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST

गुजरात लोकल बॉडी चुनाव में बीजेपी ने विपक्ष का सफाया कर दिया है. सभी 15 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत का परचम लहराया है. नगर निगम से लेकर नगर पालिका और जिला पंचायत चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की है. आईपीएस की नौकरी छोड़कर सियासी पिच पर उतरे मनोज निनामा बीजेपी की सुनामी में भी जीत दर्ज नहीं कर सके. इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी से विधायक रहे भूपत भयाली की भी सियासी नैया पार नहीं हो सकी. 

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स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले मनोज निनामा ने वीआरएस लेकर बीजेपी का दामन थाम लिया था. निनामा गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी थे, लेकिन राजनीति में आने के लिए आईपीएस की नौकरी छोड़ दी. इसके बाद बीजेपी के टिकट पर अरावली के शामलाजी तालुका के ओध जिला पंचायत सीट से मैदान में उतरे थे.

मनोज निनामा को बीजेपी ने आखिरी समय में प्रत्याशी बनाया था, जिसे लेकर सियासी माहौल काफी गर्म हो गया था. निनामा ने पूरे दमखम के साथ चुनाव लडे, उसके बाद भी जीत दर्ज नहीं कर सके. उन्हें उत्तर गुजरात के जिला पंचायत चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. 

पूर्व विधायक को चुनाव में मिली शिकस्त

गुजरात में आम आदमी पार्टी से पाला बदलकर बीजेपी में गए भूपति भयाणी को हार का सामना करना पड़ा है. आम आदमी पार्टी से भूपत भयाणी विधायक बने थे, लेकिन बाद में सियासी पाला बदलकर वो बीजेपी का दामन थाम लिया. भूपत भयाणी ने विधायकी और आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

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बीजेपी ने उन्हें जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया था, लेकिन भयाणी को आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा है. किसान नेता राजू करपड़ा आम आदमी पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे. वह चुनावी बाजी जीतने में सफल रहे हैं. वह सुरेंद्र नगर जिले की मूली-2 सीट से मैान में उतरे थे, लेकिन जीत न उन्हें भी जीत नहीं मिल सकी.

मनोज निनामा को लगा तगड़ा झटका

गुजरात कैडर के पूर्व IPS मनोज निनाम 42 सालों तक पुलिस में काम करने के बाद बीजेपी ने अरावली जिला पंचायत की शामलाजी तालुका की ओध जिला पंचायत सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें तगड़ा झटका लगा है. मनोज निनामा 31 मई को रिटायर होने वाले थे, लेकिन वो अपने पैतृक जिले से चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस ले लिया था. इसके बाद चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन जीत नहीं सके. 

यह भी पढ़ें: गुजरात में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, PM मोदी ने पोस्टल बैलेट से किया मतदान

मनोज निनामा राजनीति में अपनी एंट्री की वजह खुद पर पूर्व IPS अधिकारी और अपने करीबी दोस्त पीसी बरंडा का प्रभाव रहा. पीसी बरंडा गुजरात में जनजातीय विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री हैं, वह अरावली जिले की भीलोदा विधानसभा सीट से विधायक भी हैं, जिससे प्रभावित होकर सियासी पिच पर उतरे. इसके बाद बीजेपी के सेजल गोहेल ने कांग्रेस में शामिल हो गए. गोहेल ने ही निनामा को मात दिया है. 

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