तमिलनाडु में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन लगभग तय, राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद बनी बात

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच गठबंधन की तस्वीर साफ हो गई है. राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर सहमति जताई है.

Advertisement
कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट शेयरिंग पर अभी बी संशय बना हुआ है. (File Photo: ITG) कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट शेयरिंग पर अभी बी संशय बना हुआ है. (File Photo: ITG)

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच चुनावी गठबंधन करीब-करीब तय हो गया है. राहुल गांधी के साथ हुई बातचीत के बाद आए सकारात्मक नतीजों ने दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की राह बनाई है. हालांकि, कांग्रेस अभी भी राज्य में 'पावर शेयरिंग' यानी सत्ता में भागीदारी का विकल्प तलाश रही है, लेकिन रणनीतिक रूप से वह इस मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चा नहीं करेगी. 

Advertisement

सीट शेयरिंग (सीटों के बंटवारे) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब मुकुल वासनिक को सौंपी गई है, जिसके कारण गिरीश चोडनकर की भूमिका सीमित हो जाएगी. इसके साथ ही, तमिलनाडु में कांग्रेस की चुनाव पर्यवेक्षक समिति का विस्तार करते हुए इसके सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है. 

गठबंधन के इस औपचारिक कदम से राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

राहुल गांधी की दखल से सुलझा मामला

गठबंधन को लेकर पिछले कुछ वक्त से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से इस मामले में रुचि ली और डीएमके नेतृत्व से बातचीत की. इस उच्च स्तरीय संवाद के बाद दोनों दल एक बार फिर साथ चुनाव लड़ने पर सहमत हुए हैं. 

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में बिहार के मजदूर और उसके 2 साल के बच्चे की हत्या, पत्नी के मर्डर की भी आशंका

Advertisement

सीट शेयरिंग और सांगठनिक बदलाव

कांग्रेस ने राज्य में अपनी चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए मुकुल वासनिक पर भरोसा जताया है. सीट बंटवारे की जिम्मेदारी उन्हें मिलने से पार्टी के अंदर संगठनात्मक बदलाव की आहट भी देखी जा रही है. वहीं, चुनाव पर्यवेक्षक समिति में तीन नए सदस्यों की बढ़ोतरी दर्शाती है कि कांग्रेस तमिलनाडु के हर जिले और विधानसभा क्षेत्र में जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करना चाहती है.

पावर शेयरिंग पर कांग्रेस की रणनीति

तमिलनाडु में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा सवाल सत्ता में भागीदारी का रहा है. हालांकि डीएमके के साथ गठबंधन पक्का हो गया है, लेकिन कांग्रेस 'पावर शेयरिंग' के विकल्प को पूरी तरह छोड़ना नहीं चाहती. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व बंद कमरों में इस पर चर्चा जारी रखेगा, जिससे चुनाव नतीजों के बाद सत्ता में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सके.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement