चरम पर जश्न, लेकिन 'हीरो' गायब... तमिलनाडु में TVK की 'खामोश क्रांति' के बीच कहां हैं विजय?

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर दिख रहा है. थलापति विजय की TVK ने पहली ही चुनावी पारी में 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है. लेकिन इस ऐतिहासिक बढ़त के बीच खुद विजय की रहस्यमयी चुप्पी सबसे बड़ा सवाल बन गई है.

Advertisement
ऐतिहासिक बढ़त के बीच समर्थकों का जश्न, लेकिन विजय अब भी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए. (File Photo: ITG) ऐतिहासिक बढ़त के बीच समर्थकों का जश्न, लेकिन विजय अब भी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

तमिलनाडु की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि थलपति विजय कहां हैं? उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, लेकिन खुद पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा अभी तक लोगों के सामने नहीं आया है.

जैसे-जैसे नतीजे सामने आए, TVK ने धीरे-धीरे 118 के जादुई आंकड़े की ओर कदम बढ़ाए. यह प्रदर्शन इतना अप्रत्याशित है कि द्रविड़ राजनीति के दिग्गज DMK और AIADMK दोनों ही पीछे छूटते नजर आ रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों को भी इस तरह के परिणाम की उम्मीद नहीं थी.

Advertisement

चरम पर जश्न, लेकिन 'हीरो' गायब

TVK के दफ्तरों में जश्न का माहौल है. समर्थक व्हिसल पोडू के नारे के साथ जश्न मना रहे हैं. थलपति विजय के घर पर भी माहौल किसी फिल्म के फर्स्ट डे फर्स्ट शो जैसा दिख रहा है. महिलाएं और बच्चे सीटियां बजाकर जीत का जश्न मना रहे हैं. माता-पिता खुशी फूले नहीं समां रहे हैं.

इस पूरे जश्न के बीच थलपति विजय की गैरमौजूदगी ने इस जीत को और रहस्यमयी बना दिया है. विजय का चुनावी सफर अब तक किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के फर्स्ट हाफ जैसा रहा है. दमदार और चौंकाने वाला. लेकिन तमिल सिनेमा की तरह यहां भी सेकेंड हाफ सिंड्रोम की चर्चा शुरू हो गई है.

कहीं बहुमत नहीं मिला तो क्या होगा?

क्या विजय जानबूझकर सामने आने से बच रहे हैं? क्या वे आधिकारिक नतीजों और चुनाव आयोग की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं? या फिर यह उनकी सोची-समझी रणनीति है? जहां विजय सामने नहीं आए, वहीं उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर मंदिर पहुंचे और भगवान का आशीर्वाद लिया. 

Advertisement

दूसरी तरफ उनकी करीबी दोस्त और अभिनेत्री तृषा भी तिरुपति में दर्शन करने के बाद उनके घर पहुंचती नजर आईं. उनके मैनेजर जगदीश और एक ज्योतिषी का घर पहुंचना भी चर्चा में रहा, जिससे अटकलें और तेज हो गईं. यदि TVK 118 का आंकड़ा नहीं छू पाती, तो क्या होगा?

तमिलगा वेट्री कजगम की 'खामोश क्रांति'

राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. ऐसे में गठबंधन की राजनीति अहम हो जाएगी. लेकिन फिलहाल जो रुझान हैं, वे विजय को सत्ता के बेहद करीब दिखा रहे हैं. शाम 4 बजे तक भी विजय का कोई अता-पता नहीं था. समर्थक उनका लगातार इंतजार कर रहे हैं.

थलापति कब सामने आएंगे और जीत का पंच डायलॉग बोलेंगे. 2024 में पार्टी बनाने के बाद से ही विजय ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है. वे रैलियों में तो नजर आए, लेकिन पारंपरिक मीडिया इंटरैक्शन से हमेशा बचते रहे. TVK की इस ऐतिहासिक बढ़त को कई लोग 'खामोश क्रांति' बता रहे हैं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement