पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीत हासिल करने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अगले 10 दिनों के भीतर अपनी एक सीट खाली कर देंगे. शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में हराकर राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर किया है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नंदीग्राम में समर्थकों को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा, 'मैं 10 दिनों के भीतर एक सीट छोड़ दूंगा. कौन सी सीट रखनी है, इसका निर्णय पार्टी करेगी. मेरी अपनी राय जरूर होगी, जिसे मैं नेतृत्व के सामने रखूंगा.'
बता दें कि नंदीग्राम, जिसे अधिकारी अपना गढ़ मानते हैं, उनके राजनीतिक करियर का केंद्र रहा है. 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोध आंदोलन ने उन्हें राज्य स्तर का बड़ा नेता बनाया. वहीं, कोलकाता की भवानीपुर सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. इस सीट पर जीत को भाजपा की बड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त माना जा रहा है.
2021 से 2026 तक का सफर
2021 में भाजपा में शामिल होने के बाद अधिकारी ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था. 2026 में भवानीपुर में उनकी जीत ने बंगाल की राजनीति में नई दिशा तय की है. नंदीग्राम में रैयापाड़ा और हरिपुर जैसे इलाकों में समर्थकों ने उनसे सीट न छोड़ने की अपील की. इस पर अधिकारी ने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का होगा और वह संगठन के अनुशासन का पालन करेंगे.
‘परिवर्तन’ से ‘असली बदलाव’ तक
अधिकारी ने कहा कि मैं 2011 के परिवर्तन का हिस्सा था और अब असली बदलाव का हिस्सा हूं, जिससे उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के दौर और वर्तमान राजनीतिक बदलाव में अंतर बताया.
राज्य भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने बताया कि 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भाजपा की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा.
अधिकारी ने कहा कि भाजपा बंगाल में लंबे समय तक सरकार चलाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी. उन्होंने पार्टी का वोट शेयर 46% से बढ़ाकर 60% तक ले जाने की बात कही. साथ ही नंदीग्राम में बेहतर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा ढांचे को मजबूत करने का वादा भी किया.
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