कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को असम पहुंचे और पार्टी का मेनिफेस्टो को लोगों के सामने रखा. इस मौके पर असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और बाकी बड़े नेता भी साथ थे. मेनिफेस्टो का नाम है 'राइजोर इश्तेहार' और इसमें 11 बड़े मुद्दों पर काम करने की बात कही गई है जैसे हेल्थ, एम्प्लॉयमेंट, एग्रीकल्चर, सड़क-पुल, गांव-शहर का डेवलपमेंट और फ्लड जैसी समस्याएं.
सबसे बड़ा वादा यह है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो मोरान, मोटोक, चुटिया, ताई-अहोम, कोच-राजबंशी और चाय बागान में काम करने वाले लोगों को ST यानी आदिवासी का दर्जा दिया जाएगा.
ST दर्जा देने का बड़ा वादा
ये समुदाय काफी सालों से यह मांग करते आ रहे थे. चाय बागान के मजदूरों के लिए भी खास वादे किए गए हैं, जैसे पक्की तनख्वाह, बच्चों के लिए फ्री स्कूल बस, साफ पानी, बिजली और सड़क.
चाय बागान मजदूरों के लिए खास घोषणाएं
कांग्रेस ने यह भी कहा है कि सरकार बनने के पहले 100 दिनों में कुछ जरूरी काम फौरन किए जाएंगे. राज्य की पूरी इकोनॉमिक सिचुएशन की रिपोर्ट लोगों के सामने रखी जाएगी.
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100 दिनों का एक्शन प्लान
करप्शन रोकने के लिए एक अलग कमीशन बनेगा जिस पर कोई नेता दबाव नहीं डाल सकेगा. जमीन के रिकॉर्ड साफ किए जाएंगे और नौकरी और सरकारी कामों में लोकल लोगों को पहले मौका मिलेगा. इसके साथ ही बाढ़ और कटाव रोकने का काम शुरू होगा और अस्पतालों-स्कूलों में खाली पड़े पदों को जल्द भरा जाएगा.
करप्शन पर सख्ती और लोकल लोगों को प्राथमिकता
करप्शन के मामले में पार्टी ने सख्त रुख दिखाया है. मेनिफेस्टो में साफ कहा गया है कि किसी भी MLA के करीबी रिश्तेदार को सरकारी ठेका नहीं मिलेगा. अगर किसी कंपनी को 10 बीघा या उससे ज्यादा जमीन दी गई है तो उसकी जांच होगी और जरूरत पड़ने पर वो जमीन वापस लेकर लोगों में बांटी जाएगी.
युवाओं और पुलिस के लिए बड़ी घोषणाएं
नौजवानों के लिए 1,000 करोड़ रुपये का एक फंड बनाने का वादा किया गया है ताकि पहली बार बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं को मदद मिल सके. पुलिस वालों के लिए हर हफ्ते एक दिन की पक्की छुट्टी का वादा भी है.
ड्राइवर और वकीलों के लिए वेलफेयर योजनाएं
ऑटो, टैक्सी और ई-रिक्शा चलाने वालों के लिए एक वेलफेयर बोर्ड बनेगा और एक्सीडेंट इंश्योरेंस भी दिया जाएगा. वकीलों के लिए अलग वेलफेयर फंड की बात कही गई है.
मीडिया और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मीडिया को लेकर भी वादा किया गया है कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सस्ती जमीन मिलेगी और किसी एक नेता या बड़े घराने का मीडिया पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा. गुवाहाटी और दूसरे बड़े शहरों में स्मार्ट पार्किंग, 24 घंटे पानी-बिजली और बाढ़ रोकने का पूरा प्लान भी मेनिफेस्टो में शामिल है.
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संस्कृति और आदिवासी अधिकारों पर जोर
कल्चर के मोर्चे पर युवाओं के लिए 'जुबीन गर्ग फेलोशिप' शुरू करने की बात कही गई है. सत्रों और नामघरों को हर साल आर्थिक मदद देने का वादा भी है. आदिवासियों की जमीन को लेकर कांग्रेस ने कहा है कि असम समझौते को पूरी तरह लागू किया जाएगा और छठी अनुसूची और वन अधिकार कानून के तहत उनकी जमीन सुरक्षित रहेगी.
असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को नतीजे आएंगे. इससे पहले 29 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे असम आए थे और तब पार्टी की '5 गारंटी' जारी की गई थीं.
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