प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ की रैली में कहा कि असम आज तेजी से व्यापार और कारोबार का बड़ा हब बनता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लंबे शासन में असम की कनेक्टिविटी और विकास की कोई चिंता नहीं की गई.
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान असम और बराक वैली को नजरअंदाज किया गया, जिसकी वजह से राज्य विकास में पीछे रह गया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब राज्य में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हो रहा है. उन्होंने बोगीबील ब्रिज, ढोला-सदिया सेतु और जोरहाट-माजुली सेतु जैसे प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों पर बन रहे पुलों से कनेक्टिविटी नई ऊंचाई पर पहुंच रही है.
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से पूरे क्षेत्र में व्यापार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है.
नुमालीगढ़-डिब्रूगढ़ हाईवे का उदाहरण
प्रधानमंत्री मोदी ने नुमालीगढ़ से डिब्रूगढ़ हाईवे का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे 2005 में मंजूरी मिली थी, लेकिन 2013 तक इस पर कोई काम नहीं हुआ. उस समय केंद्र में भी कांग्रेस की सरकार थी.
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उन्होंने इसे कांग्रेस के 'सौतेले रवैये' का उदाहरण बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने ऐसे अधूरे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाकर पूरा किया.
युवाओं को याद नहीं पुराना असम
प्रधानमंत्री ने कहा कि रैली में बड़ी संख्या में मौजूद युवा 2016 से पहले के असम की स्थिति को शायद पूरी तरह याद न कर पाएं. उन्होंने कहा कि उस समय राज्य विकास और बुनियादी सुविधाओं के मामले में काफी पीछे था.
भाजपा ने आकांक्षाओं को प्राथमिकता दी
प्रधानमंत्री कहा कि कांग्रेस ने असम की उपेक्षा की, जबकि भाजपा सरकार ने राज्य की आकांक्षाओं को प्राथमिकता दी. उन्होंने ने कहा कि मौजूदा सरकार के प्रयासों से असम तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकास की नई दिशा में बढ़ चुका है.
कांग्रेस के कारण लटके रहे बड़े प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री ने डिब्रूगढ़ गैस क्रैकर प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका समझौता 1995 में हुआ था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे बार-बार टाल दिया.
उन्होंने कहा कि 2007 में फिर इसका शिलान्यास हुआ, लेकिन प्रोजेक्ट फिर भी अधूरा रहा. 2014 के बाद बीजेपी-एनडीए सरकार ने इसे तेजी से पूरा किया और आखिरकार इसका लोकार्पण हुआ. उन्होंने कहा कि इस तरह एक प्रोजेक्ट को पूरा होने में 30 साल लग गए, जो कांग्रेस के कामकाज का उदाहरण है.
रोजगार और उद्योग पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस न तो काम करती थी और न ही रोजगार देना चाहती थी, जिसकी वजह से कई पीढ़ियों को बेरोजगारी झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा कि अब बीजेपी-एनडीए सरकार असम को भारत की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में काम कर रही है और इसमें डिब्रूगढ़ की बड़ी भूमिका होगी.
उन्होंने कहा कि पहले असम से तेल और गैस तो निकलते थे, लेकिन उद्योग कहीं और लगाए जाते थे. अब यह नीति बदली जा रही है और उद्योग असम में ही विकसित किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता तीन गुना बढ़ाई जा रही है और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी काम हो रहा है. देश की पहली ग्रीन एनर्जी से जुड़ी पहल असम में शुरू की गई है और उर्वरक कारखानों का भी विस्तार हो रहा है.
चाय के साथ अब ‘चिप’ का भी हब बनेगा असम
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम पहले से ही चाय के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब इसे ‘चिप’ यानी सेमीकंडक्टर से जुड़ी इंडस्ट्री का भी केंद्र बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आज के समय में चिप हर उद्योग की जरूरत है - चाहे टीवी हो, गाड़ियां हों या अस्पतालों के उपकरण.
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उन्होंने कहा कि असम अब दुनिया को चाय के साथ-साथ चिप भी देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके लिए यहां बड़े पैमाने पर संभावनाएं तैयार की जा रही हैं.
कांग्रेस की विकास सोच पर सवाल
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस विकास के खिलाफ खड़ी नजर आती है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार द्वारा सड़क, रेलवे और इंडस्ट्री के लिए जमीन देने पर भी कांग्रेस विरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने अपने समय में यह काम किया होता, तो असम की कई पीढ़ियों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ती.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण ही राज्य का विकास लंबे समय तक प्रभावित रहा, लेकिन अब असम तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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