केरलम के एर्नाकुलम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए LDF सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि केरल की जनता अब LDF के कुशासन से बदलाव चाहती है. लंबे समय से चल रहे सत्ता के इस चक्र से बाहर निकलना चाहती है.
अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीति बिल्कुल स्पष्ट है. सबको न्याय, किसी का तुष्टिकरण नहीं. इसी सिद्धांत के आधार पर देशभर में काम हो रहा है. केरल में भी यही सोच लागू की जाएगी. उन्होंने अपने संबोधन में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का भी जिक्र किया.
गृह मंत्री ने कहा कि जब PFI देश विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया, तब केंद्र सरकार ने एक ही दिन में पूरे देश में इसके सभी कैडर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा.
अपने भाषण में अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि एर्नाकुलम में वक्फ बोर्ड ने करीब 400 एकड़ जमीन अपने कब्जे में ले ली, जो पहले करीब 600 हिंदू और ईसाई परिवारों की थी. इस मुद्दे पर संसद में भी चर्चा हुई थी.
अमित शाह ने कहा कि जब संसद में इस विषय पर चर्चा हो रही थी, तब LDF और UDF ने इन परिवारों के पक्ष में आवाज नहीं उठाई. इससे इन दलों की प्राथमिकताएं साफ हो जाती हैं. उन्होंने केरल में NDA के बढ़ते समर्थन का हवाला देते हुए कहा कि बढ़ता वोट प्रतिशत इसका प्रमाण है.
उन्होंने कहा कि 2014 में जहां NDA को 14 प्रतिशत वोट मिले थे. 2019 में यह बढ़कर 16 प्रतिशत और 2024 में 20 प्रतिशत तक पहुंच गया. बढ़ता जनाधार इस बात का संकेत है कि अब केरल में NDA सरकार बनने का समय आ गया है. उन्होंने LDF और UDF दोनों पर निशाना साधा.
चुनावी रैली में अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का चुनाव नहीं है. उन्होंने इसे केरल के भविष्य का चुनाव बताया. उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि वे वास्तविक विकास चाहते हैं, तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA को सरकार बनाने का मौका दें.
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