केरल विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर खींचतान तेज हो गई है. पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन सांसदों को लेकर है, जो अब विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं.
सूत्रों के मुताबिक कम से कम 5 मौजूदा लोकसभा सांसदों ने विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. इस लिस्ट में एक नाम पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के. सुधाकरन का भी है. इस मांग ने पार्टी नेतृत्व को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है.
पार्टी में एक बड़ा गुट इन सांसदों को टिकट देने के खिलाफ है. उनका मानना है कि अगर इन 5 सांसदों को विधानसभा का टिकट दिया जाता है और वो जीत जाते हैं, तो पार्टी को कई लोकसभा सीटों पर फिर से चुनाव (उपचुनाव) कराना होगा. ये पार्टी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा.
एक वजह ये भी है कि इतने वरिष्ठ सांसदों के मैदान में उतरने से मतदाताओं के बीच मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है. इससे पार्टी के भीतर गुटबाजी बढ़ने का भी खतरा है.
इस बीच, राहुल गांधी ने टिकट बंटवारे की प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) और स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्यों को कहा है कि वो सिर्फ नामों की सिफारिश लेकर उनके पास न आए.
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राहुल गांधी की सख्त हिदायत
राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि उन्हें उम्मीदवारों के बारे में एक व्यवस्थित प्रेजेंटेशन दिया जाए. इसमें हर विधानसभा सीट पर जाति आधारित सामाजिक गणित का ब्योरा हो. उम्मीदवार का पिछला प्रदर्शन कैसा रहा है और उसकी जीत की कितनी संभावना है, इसमें ये भी बताया जाना चाहिए.
राहुल ने साफ किया कि सिर्फ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के सुझाए गए नामों को आंख मूंदकर मंजूर नहीं किया जाएगा. स्क्रीनिंग कमेटी और सीईसी के कई सदस्य सांसदों को मैदान में उतारने के विचार के खिलाफ हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हो पाया है.
राहुल गौतम