आगामी विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों का जायजा लेने केरलम पहुंची चुनाव आयोग की टीम ने कोच्चि में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ बैठक की. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुई इस बैठक में निष्पक्ष चुनाव, धनबल पर रोक और स्थानीय त्योहारों का ध्यान रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इसी सिलसिले में आयोग की टीम 9 और 10 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी. इसके बाद पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान हो सकता है.
बैठक में राष्ट्रीय स्तर के दलों जैसे आम आदमी पार्टी (AAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) - CPI(M) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) के प्रतिनिधि शामिल हुए. राज्य स्तरीय दलों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस, केरलम कांग्रेस (एम) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) के नेता भी मौजूद थे.
राजनीतिक दलों की SIR की तारीफ
बैठक में ज्यादातर राजनीतिक दलों ने केरल में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन की सराहना की. कई दलों ने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा किए गए अच्छे कामों की भी प्रशंसा की.
CEC ज्ञानेश कुमार ने दोहराया कि SIR सबसे पारदर्शी तरीके से आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि फॉर्म 6, 7 और 8 अभी भी किसी भी समावेशन, विलोपन या परिवर्तन के लिए दाखिल किए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि RP अधिनियम 1950 के तहत डीएम/CEO के पास अपील दायर करने का प्रावधान है.
'धनबल को लेकर जताई चिंता'
बैठक में राजनीतिक दलों ने आयोग के सामने चुनाव के दौरान धनबल के दुरुपयोग और शराब या मुफ्त उपहारों के वितरण को लेकर अपनी चिंताएं रखीं.
उन्होंने आयोग से अपील की कि इन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं. इसके अलावा, कुछ दलों ने मांग की कि चुनाव की तारीखें तय करते समय केरल के स्थानीय त्योहारों का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि मतदान प्रभावित न हो. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी को कानून के अनुसार निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने का भरोसा दिया.
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने सभी राजनीतिक दलों को आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए 'सीविजिल' (Cvigil) ऐप और ईसीआईएनईटी (ECInet) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया.
उन्होंने आश्वासन दिया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए रैंप, व्हीलचेयर और पेयजल जैसी न्यूनतम अनिवार्य सुविधाएं (AMF) सुनिश्चित की जाएंगी. आयोग ने दलों से आह्वान किया कि वो केरल में चुनाव के ऐसे मानक स्थापित करें जो पूरे विश्व के लिए एक मॉडल बन सकें.
जल्द हो चुनाव की तारीख का ऐलान
वहीं, आयोग के केरल दौरे के बाद अब उम्मीद लगाई जा रही हैं कि चुनाव आयोग जल्द ही केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है.
इसी सिलसिले में आयोग की टीम 9 और 10 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी. आयोग का लक्ष्य इन सभी राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाना है. केरल में राजनीतिक दलों के साथ हुई इस सकारात्मक बैठक के बाद अब सबकी निगाहें चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा पर टिकी हुई हैं.
ऐश्वर्या पालीवाल / संजय शर्मा