तमिलनाडु चुनाव 2026 से पहले शुक्रवार को चेन्नई की सड़कें एक बड़े राजनीतिक जनसभा की गवाह बनीं. बॉलीवुड और कॉलीवुड के सुपरस्टार और मक्कल नीधि मैयम पार्टी के चीफ कमल हासन DMK के लिए चुनाव प्रचार करने निकले.
उन्होंने चेन्नई की पांच अलग-अलग जगहों पर रैलियां कीं और लोगों से DMK को वोट देने की अपील की. लेकिन यह सिर्फ एक चुनावी रैली नहीं थी, बल्कि संविधान और तमिलनाडु के अधिकारों की लड़ाई का ऐलान था.
तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. DMK यानी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पार्टी अभी सत्ता में है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन उनके नेता हैं. DMK इस वक्त केंद्र सरकार से दो बड़े मुद्दों पर भिड़ी हुई है, एक डीलिमिटेशन बिल और दूसरा नारी शक्ति बिल.
कमल हासन की रैली कहां-कहां हुई?
कमल हासन चेन्नई की पांच जगहों पर प्रचार करने गए. चिंताद्रिपेट जो डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन की सीट है, चेपक, हार्बर जहां DMK के शेखर बाबू चुनाव लड़ रहे हैं, कोलाथुर और विलिवक्कम.
कमल हासन ने क्या कहा?
कमल हासन ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि यह वोट सिर्फ तमिलनाडु के लिए नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु आज भारत के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला किला बन गया है और DMK इस लड़ाई में सबसे आगे है.
यह भी पढ़ें: कमल हासन की पार्टी MNM तमिलनाडु में नहीं लड़ेगी चुनाव, DMK गठबंधन को बिना शर्त दिया समर्थन
उन्होंने यह भी कहा कि DMK के साथ उनका गठबंधन सिर्फ आज के लिए नहीं बल्कि आने वाले कल के लिए भी है. उन्होंने लोगों से कहा कि पिछले पांच साल की राजनीति देखो तो समझ आएगा कि DMK को वोट क्यों देना चाहिए.
विलिवक्कम में क्या खास था?
विलिवक्कम में DMK बनाम TVK की सीधी टक्कर है. TVK यानी तमिझगा वेट्री कड़गम, जो एक्टर विजय की पार्टी है. यहां DMK के कार्तिकेयन के सामने विजय की पार्टी के आधव अर्जुन हैं. यह सीट इसलिए दिलचस्प है क्योंकि दोनों तरफ बड़े फिल्मी सितारों का जुड़ाव है.
यहां एक मां-बेटे की कहानी भी देखने को मिली. भीड़ में खड़ी वसंता के बेटे को विजय का दीवाना बताया गया जो TVK को वोट देना चाहता है, जबकि मां खुद DMK का झंडा थामे खड़ी थीं. वसंता ने हंसते हुए कहा, "मेरा बेटा अपने हीरो को वोट देना चाहता है, तो मुझे क्या दिक्कत अगर मैं अपने हीरो को वोट दूं."
हार्बर में क्या हुआ?
हार्बर सीट पर DMK के शेखर बाबू एक बार फिर चुनाव लड़ रहे हैं. यहां पहली बार वोट देने वाली सेल्वी नाम की लड़की का कमल हासन को इतने करीब से देखकर खुशी का ठिकाना नहीं था. उसने कहा कि सरकारी योजनाओं से उसके परिवार को बहुत फायदा हुआ है और जो 8,000 रुपये का ऐलान हुआ है, उसे खर्च करने का प्लान पहले से बन गया है.
दिन का सबसे बड़ा पल क्या था?
रैली के आखिरी हिस्से में दिल्ली से बड़ी खबर आई कि डीलिमिटेशन बिल संसद में हार गया यानी पास नहीं हो सका. यह खबर आते ही पूरा माहौल बदल गया. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का नारा 'तमिलनाडु लड़ेगा! तमिलनाडु जीतेगा!' स्पीकर पर गूंजने लगा.
कमल हासन के चेहरे पर एक मिली-जुली खुशी और गर्व दिखा. उन्होंने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, 'भारत को समय रहते जगने के लिए शुक्रिया. हमें सत्ता में बैठे लोगों को संविधान की याद दिलानी पड़ी. आप संविधान को नजरअंदाज नहीं कर सकते, अगर करेंगे तो खुद का नुकसान करेंगे."
यह भी पढ़ें: 'विपक्ष ने ओछी राजनीति कर बिल पारित नहीं होने दिया...', महिला आरक्षण पर तमिलनाडु में बोले PM मोदी
कुल मिलाकर यह चुनाव किस बारे में है?
यह चुनाव सिर्फ नेताओं और पार्टियों की लड़ाई नहीं है. यह एक शहर की, एक राज्य की वो लड़ाई है जो अपनी पहचान, अपने अधिकार और अपनी आवाज बचाने के लिए लड़ रहा है. कमल हासन जैसे कलाकार जो ग्रीसपेंट यानी स्टेज मेकअप छोड़कर सड़कों की धूल में उतरे हैं, वो यही कहना चाहते हैं कि दक्षिण की आवाज को कभी दबाया नहीं जा सकता.
अपूर्वा जयचंद्रन