आयकर विभाग ने टीएमसी के विधायक देबाशीष कुमार की चुनावी हलफनामे में बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा किया है. विभाग को शक था कि विधायक और उनके सहयोगी बेनामी आय के लेन-देन में शामिल हैं. अब देबाशीष के पास से लगभग 1.75 करोड़ रुपये के हीरे-जेवरात जब्त किए हैं.
ये कार्रवाई 17 अप्रैल 2026 को विधायक और उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद हुई है. आयकर विभाग ने लगभग 1.75 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे के गहने, सोना और बुलियन (सोने की ईंटें) जब्त किए हैं.
इसके अलावा, एक व्यावसायिक कंपनी से 6 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं, जिसमें विधायक देबाशीष कुमार पार्टनर हैं.
शुरुआती जांच में पाया गया है कि देबाशीष कुमार ने चुनाव के समय दिए गए हलफनामे में अपनी संपत्ति की जो जानकारी दी थी, वो छापेमारी में मिली संपत्ति से मेल नहीं खाती. हीरे के गहने और बुलियन जैसी कई कीमती चीजें चुनावी हलफनामे में नहीं दिखाई गई थीं. जब्त किए गए सोने की मात्रा और हलफनामे में बनाए गई सोने की मात्रा में भी बड़ा अंतर पाया गया है.
वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में देबाशीष की पत्नी की घोषित आय और उनके कर्ज में आई कमी में भी गड़बड़ी पाई गई है. ऐसे में विभाग ने पिछले चुनाव के मुकाबले उनकी कुल संपत्ति में हुई भारी बढ़ोतरी पर जवाब मांगा है.
देबाशीष कुमार के सहयोगी पर भी कार्रवाई
विधायक के एक करीबी सहयोगी मिराज डी. शाह के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई. मिराज शाह के पास से पहले भी सोना और गहने जब्त किए जा चुके हैं. कानूनी बाधाओं को दूर करने के बाद जब उनके पास से मिले सोने की जांच की गई, तो उसमें 8.08 किलोग्राम विदेशी हॉलमार्क वाला सोना मिला.
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आयकर विभाग ने अपनी जांच की रिपोर्ट निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेज दी है. विभाग ने देबाशीष को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है.
मुनीष पांडे