OYO रूम्स के नाम से स्टार्ट अप शुरू करने वाले रितेश अग्रवाल केवल 23 साल के हैं, लेकिन उन्होंने दुनिया में अपनी पहचान कायम कर ली है.
कट्टक में जन्मे रितेश ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. उन्होंने दिल्ली के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस में एडमिशन लिया था लेकिन अपनी कंपनी शुरू करने के लिए कोर्स को बीच में ही छोड़ दिया.
वे एक यूनिक आइडिया की तलाश में थे. वे इसके लिए देश में घूमने निकल पड़े. इस दौरान उन्होंने पाया कि देश में एक बड़ी समस्या ऐसे होटल्स की है जो बजट में हों. 17 साल की उम्र में उन्होंने 'Oravel travels' लॉन्च किया. जब उन्होंने देखा कि समस्या केवल बजट होटल ढूंढ़ने भर की नहीं है तो उन्होंने OYO लॉन्च किया.
फिर उन्हें थील फेलोशिप के लिए चुना गया. इस फेलोशिप में 22 साल से कम उम्र के ऐसे ड्रॉपआउट को 1 लाख डॉलर की मदद दी जाती है जो अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता है. रितेश ये पाने वाले पहले भारतीय थे.
रितेश के नाम कई उपलब्धियां
लेखक भी हैं रितेश
रितेश अच्छे लेखक भी हैं. उनकी किताब- ए कंप्लीट इन्साइक्लोपीडिया ऑफ टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेजेज छपने के कुछ समय बाद ही बेस्टसेलर बन गई थी.
मेधा चावला