आज वो दिन है जब एक बार फिर सुदीक्षा भाटी के घर के बाहर कैमरों की फ्लैश है. लोगों का जमावड़ा है, घरवालों की आंखों में आंसू हैं. लेकिन दो साल पहले ये आंसू खुशी के थे जब मां बार बार अपनी बेटी को बाहों में भर रही थी. लेकिन आज ये आंसू खुशी के नहीं बल्कि सुदीक्षा की मौत के गम के हैं. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित दादरी कस्बे की ये बेटी जिंदगी की तमाम कठिन परिस्थितियों को चुनौती देकर अमेरिका तक पहुंच गई, लेकिन छेड़खानी में हुए हादसे ने उसकी जान ले ली. आइए जानते हैं कौन थी सुदीक्षा.
साल 2018 में सुदीक्षा ने इंटरमीडियट परीक्षा में टॉप करके इलाके का मान-सम्मान बढ़ाया था. आज उसकी मौत से हर किसी की आंखों में ऐसा दर्द झलक रहा है, मानों उनके परिवार का कोई प्रिय उनसे बिछड़ गया हो.
बता दें कि परीक्षा में टॉप करने के बाद सुदीक्षा को 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी, जिससे वो अपने सपनों को पूरा करना चाहती थीं. चाय वाले
की बेटी सुदीक्षा को बैबसॉन कॉलेज में पढ़ाई के लिए 3.8 करोड़ की
छात्रवृत्ति मिली थी, जिसके बाद सुदीक्षा पढ़ाई के लिए अमेरिका गई थीं. बता दें कि उन्होंने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 98 फीसदी अंक हासिल किए थे और अपने जिले में पहला स्थान हासिल किया था.
सुदीक्षा को कॉलेज से 70428 डॉलर प्रति सेमेस्टर की स्कॉलरशिप मिली थी, जिसके अंतर्गत उन्हें
4 साल में 3.83 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी. बता दें कि पढ़ाई के साथ साथ सुदीक्षा
सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेती थीं. कुछ वक्त वो वॉइस ऑफ वीमेन संगठन से भी जुड़ी
रहीं, जो महिलाओं के खिलाफ बढ़े रहे अपराधों के विरोध में कार्य करते हैं. लेकिन विडंबना है कि वो खुद ही महिला अपराध की भेंट चढ़ गईं.
बता दें कि सुदीक्षा सोमवार शाम अपने चाचा के साथ मामा के घर जा रही थी, तभी उनकी बाइक बुलेट से टकरा गई और मौके पर ही छात्रा की मौत हो गई. हाल ही में वो छुट्टियों में घर आई हुई थीं. जब ये हादसा हुआ तब सुदीक्षा अपने चाचा के साथ औरंगाबाद जा रही थीं.
सुदीक्षा भाटी के परिजनों का आरोप है कि जब बाइक से वह औरंगाबाद जा रहे थे, तब उनकी बाइक का बुलेट सवार दो युवकों ने पीछा किया. कभी युवक अपनी बुलेट को आगे निकालते तो कभी छात्रा पर कमेंट पास करते. इतना ही नहीं, ये सिरफिर चलते-चलते स्टंट भी कर रहे थे. इसी दौरान अचानक बुलेट सवार युवकों ने अपनी बाइक का ब्रेक लगा दिया और बुलेट की टक्कर सुदीक्षा की बाइक से हो गई. बाइक गिर गई और सुदीक्षा घायल हो गईं. सुदीक्षा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
इस मसले पर बुलंदशहर पुलिस का कहना है कि छेड़छाड़ की कोई घटना प्रत्यदर्शी या मृतक छात्रा के साथ रहे लोगों ने तत्काल नहीं दी थी. साथ ही पुलिस का यह भी कहना है कि बाइक को मृतक छात्रा का भाई चला रहा था, उनके चाचा उस वक्त बाइक पर नहीं थे. पुलिस का कहना है कि मृतक पक्ष ने कल एक तहरीर दे दी थी लेकिन उसको वापस ले लिया गया. अभी तक तहरीर नहीं दी गई है इसलिए मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, फिर भी पुलिस यह कह रही है कि विधिक कार्यवाही की जा रही है.
20 अगस्त को लौटना था अमेरिका
सुदीक्षा को 20 अगस्त को अमेरिका वापस जाना था. इससे पहले ही सड़क हादसे में उनकी जान चली गई. बता दें कि देश की टॉप आई टी कंपनी की तरफ से अमेरिका पढ़ने के लिए 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी गई है. गौतमबुद्ध नगर के दादरी तहसील की रहने वाली सुदीक्षा बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं. सुदीक्षा के पिता ढाबा चलाते हैं. सुदीक्षा ने बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूल से कक्षा पांच तक पढ़ाई की. प्रवेश परीक्षा के जरिये सुदीक्षा का एडमिशन एचसीएल के मालिक शिव नदार के सिकंदराबाद स्थित स्कूल में हुआ था.
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