8 साल की उम्र में बैडमिंटन थामने वाली पीवी सिंधु का उस समय नहीं पता होगा कि वह एक दिन इसी खेल में इतिहास रच भारत का नाम रोशन करेंगी. 24 अगस्त को
स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप-2019 में गोल्ड मेडल जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला बन गई हैं. उन्होंने फाइनल में नोजोमी ओकुहारा को मात देकर ये जीत अपने नाम की. आइए जानते हैं उनके बारे में, परिवार में कौन- कौन हैं.
पीवी सिंधु का पूरा नाम पुसरला वेंकट सिंधु हैं. उनका जन्म 5 जुलाई, 1995 को हैदराबाद, आध्रप्रदेश में हुआ
था.
सिंधु के पिता का नाम पीवी रमण और माता का नाम पी. विजया हैं. सिंधु के माता-पिता दोनों ही नेशनल लेवल के वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं.
उनके पिता भारतीय वॉलीबॉल टीम के सदस्य थे, जिन्होंने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. वॉलीबॉल खेल में अपने योगदान के लिए उन्हें साल 2000 में भारत सरकार के प्रतिष्ठित 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया जा चुका है.
पीवी सिंधु के परिवार में सभी खेल से जुड़े हुए हैं. उनकी एक बड़ी बहन है, जिनका नाम पीवी दिव्या है. वह राष्ट्रीय स्तर की हैंडबॉल खिलाड़ी थीं. हालांकि, उनकी पेशेवर खेलों को आगे बढ़ाने में कम दिलचस्पी थी. जिसके बाद वह डॉक्टर बन गईं.
( बहन के साथ पीवी सिंधु)
उनका परिवार हैदराबाद में रहता है. माता-पिता के पेशेवर वॉलीबॉल खिलाड़ी होने के बावजूद सिंधु ने बैडमिंटन का चयन किया. बैडमिंटन खेलने की प्रेरणा उन्हें कोच पुलेला गोपीचंद से मिली.
जब साल 2001 में पुलेला गोपीचंद ने ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप का खिताब जीता था. उसके बाद से ही सिंधु ने निर्णय ले लिया था कि वह बैडमिंटन में ही अपना भविष्य बनाएंगी.
(कोच के साथ पीवी सिंधु)
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार सिंधु ने पहली बार खेल की मूल बातें सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकॉम के बैडमिंटन कोर्ट में महबूब अली के मार्गदर्शन में सीखी थीं. इसके तुरंत बाद, वह पुलेला गोपीचंद की हैदाराबाद में स्थित 'गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी' में शामिल हो गईं.
जीतकर मां को दिया तोहफा
पीवी सिंधु ने अपनी जीत के जरिए अपनी मां पी विजया को सबसे अच्छा उपहार दिया है. मैच के बाद, सिंधु ने अपनी मां को जीत समर्पित की, जिन्होंने बीते रविवार को अपना जन्मदिन मनाया था. पीवी सिंधु ने रविवार को बासेल में फाइनल के बाद कहा, "मैं यह पुरस्कार अपनी मां को समर्पित करती हूं. आज उनका जन्मदिन है. जन्मदिन की शुभकामनाएं."
वहीं, उनकी मां ने कहा हम लंबे समय से गोल्ड मेडल का इंतजार कर रहे थे. इसे हासिल करने के लिए सिंधु ने दिन-रात मेहनत की है.
स्टार शटलर पीवी सिंधु फोर्ब्स की लिस्ट में एकमात्र भारतीय
पीवी सिंधु का नाम सर्वाधिक सैलरी पाने वाली महिला एथलीट्स की फोर्ब्स की सूची में 13वें स्थान पर है. इस सूची में शामिल गैर टेनिस तीन एथलीट्स में से सिंधु एक हैं. सूची में अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स शीर्ष पर हैं. सिंधु की कुल कमाई 55 लाख डॉलर (लगभग 39 करोड़ रुपये) है, जिसके आधार पर वह अमेरिकी टेनिस स्टार और 2018 फ्रेंच ओपन और अमेरिकी ओपन रनर अप मेडिसन कीज के साथ 13वें स्थान पर हैं.
पी वी सिंधु ने यहां से की पढ़ाई
पीवी सिंधु ने Auxilium High School से पढ़ाई की. वह पढ़ाई में अच्छी और डॉक्टर बनना चाहती थी. लेकिन 8 साल की उम्र में बैडमिंटन को थाम लिया. जिसके बाद उन्होंने शटलर बनने का निर्णय लिया.
(पी वी सिंधु अपने कजिन साथ) उन्होंने मेंहदीपट्टनम स्थित St. Ann’s College for Women कॉलेज से उन्होंने कॉमर्स विषय में डिग्री ली है. जिसके बाद इसी कॉलेज से MBA की पढ़ाई की.
आपको बता दें, उनको मास्को में बैडमिंटन टूर्नामेंट के कारण 10वीं कक्षा की परीक्षा को छोड़ना पड़ गया था. जिसके बाद उन्होंने सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर 10वीं कक्षा पास की थी.
MBA के दौरान उन्होंने अपने खेल के चलते कभी क्लास अटेंड नहीं कीं. लेकिन उन्हें आज भी इस बात का पछतावा नहीं है कि उन्होंने कॉलेज लाइफ को मिस कर दिया है. आज भी वह वह इस बात से खुश हैं कि बैडमिंटन खेल की वजह से उन्होंने कई देशों की यात्रा की, बैडमिंटन खेला और कई विभिन्न व्यंजनों का लुत्फ उठाया.
( पीवी सिंधु को टेलीविजन पर देखते हुए उनका परिवार- फोटो- ANI)
ऐसे शुरू हुआ था पीवी सिंधु का बैडमिंटन करियर
तेलंगाना के हैदराबाद में 5 जुलाई 1995 को जन्मीं पीवी सिंधु का बैडमिंटन में अंतरराष्ट्रीय करियर साल 2009 से शुरू हुआ. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला पदक साल 2009 में जीता था.
फोटो- ANI जीते ये मेडल
पीवी सिंधु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला पदक साल 2009 में जीता था. इसके बाद साल 2013 में उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता था. वो साल 2014 में विश्व चैम्पियनशिप, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुकी हैं. उन्होंने साल 2016 में रियो डी जिनेरियो ओलंपिक और साल 2017 में विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था. पीवी सिंधु को साल 2013 में अर्जुन अवॉर्ड, साल 2015 में पद्मश्री पुरस्कार और साल 2016 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाजा जा चुका है.
(पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से राजीव गांधी अवॉर्ड लेती हुई पीवी सिंधु)
(पीवी सिंधु की सभी तस्वीरें इंस्टाग्राम और फेसबुक से ली गई है.)