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कौन हैं PAK सेना प्रमुख जनरल बाजवा, कश्मीर को लेकर क्या है रवैया

मानसी मिश्रा
  • 19 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 9:15 AM IST
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पाकिस्तान के जनरलों के लिए इमरान खान एक प्यादे की तरह ही हैं, ये बात आज फिर से साबित हो गई है जब पाकिस्तान के आर्मी जनरल जनरल बाजवा ने इमरान खान से अपना तीन साल का कार्यकाल बढ़वाने पर साइन करवा लिया. पाकिस्तान के सरकारी टीवी Ptv पर दिखाया गया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के कार्यकाल को तीन साल के लिए बढ़ाने पर मंजूरी दी गई है. आइए, जानें कौन हैं जनरल बाजवा, क्यों माने जाते हैं कश्मीर मामले के जानकार. ये है उनका करियर, पढ़ें.

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जनरल कमर जावेद बाजवा के पास एलओसी (लाइन ऑफ कंट्रोल) का लंबा अनुभव है. वो पाकिस्तानी सेना के अब 16वें सेनाध्यक्ष हैं. वो साल 1982 में पाकिस्तानी सेना की सिंध रेजिमेंट में कमीशन होकर पहुंचे थे. उन्होंने पाकिस्तान की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कॉर्प-10 का भी नेतृत्व किया है. ये कॉर्प पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में तैनात है.

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ऐसा माना जाता है कि बाजवा को कश्मीर मसले पर लंबा अनुभव है. उनके दोबारा चयन का भी ये ही आधार माना जा रहा है. उन्होंने कश्मीर और उत्तरी कश्मीर के इलाकों में लंबे समय तक बतौर सेनाधिकारी सेवा दी है. कांगों में शांति मिशन के दौरान ब्रिगेडियर रहते हुए बाजवा ने अपनी सेवाएं दीं. आर्मी चीफ बनने के बाद से जब भी बाजवा ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया है, तब-तब सीमा पार से घुसपैठ की घटनाएं तेज हुई हैं. 
 
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कहा जा रहा है वर्तमान में पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर कमर बाजवा की समझ का फायदा उठाना चाहता है. वजह ये भी है कि कमर बाजवा को पाकिस्तान के उत्तरी इलाकों की समझ है क्योंकि वे गिलगित और बालस्टिस्तान में फोर्स कमांडर के पद पर भी रह चुके हैं.
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इसलिए कहा जाता है डार्क हॉर्स
पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तान में डार्क हॉर्स भी कहा जाता है. इसके पीछे की वजह ये है कि इस पद पर रहते हुए पाकिस्तानी सेना की सबसे बड़ी विंग 10 कॉर्प्स को कंट्रोल किया जाता है, जिसके जिम्मे एलओसी की सुरक्षा है. इसलिए उन पर सबकी नजर रहती है. इसके अलावा भारत, चीन और अमेरिका के बारे में उसका नजरिया भी ध्यान में रखा जाता है. उसके रवैये का सीधा असर पाकिस्तान की आतंरिक राजनीति तथा विदेश नीति पर भी पड़ता है.
फाइल फोटो: कश्मीर

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विचारधारा भी है एक वजह

पाकिस्तान मीडिया की खबरों के अनुसार जनरल बाजवा कट्टर इस्लामिक विचारधारा के हैं. साथ ही वो कश्मीर ऑपरेशंस पर ध्यान रखते हैं. क्वेटा के इंफेन्ट्री स्कूल और बलोच रेजीमेंट से जुड़े रहे जनरल बाजवा पाकिस्तानी जनता के प्रिय रहे हैं. हाल ही में बालाकोट एअरस्ट्राइक और अभिनंदन की गिरफ्तारी के दौरान सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की जनता ने सेना की जमकर तारीफ की थी. साथ ही उनकी विचारधारा को भी लोगों का समर्थन मिलता है.

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