उत्तर प्रदेश के लखनऊ में साल 2024 की आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भर्ती कोर्ट केस के कारण अटकी हुई है. अब तक 51 तारीखें लग चुकी हैं, जिससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है. आरोप है कि सरकार की ओर से इसपर सुनवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है. फरवरी 2024 में UPSSSC के जरिए 1002 पोस्ट के लिए वैकेंसी निकली थी, लेकिन उसके बाद आजतक भर्ती अटकी हुई है. इससे पहले साल 2003 में भर्ती आई थी यानी 20 साल बाद पहली बार UPSSC के जरिए भर्ती आई और वह भी अटक गई.
खाली हैं इतने पद
बता दें कि प्रदेश में करीब 60% पद खाली हैं. 1002 पदों पर भर्तियां निकाली गई थीं, जबकि कुल स्वीकृत पद लगभग 2100 हैं और करीब 1200 अब भी खाली पड़े हैं. ऐसे में अभ्यर्थियों की मांग है कि कोर्ट बैच-वाइज फैसला करें या सरकार यूपीएसएसएससी के माध्यम से लिखित परीक्षा के जरिए भर्ती प्रक्रिया पूरी करें जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा असर कम हो सके.
मांग पूरी न होने पर जारी रहेगा प्रदर्शन...
उत्तर प्रदेश में फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर छात्रों का कहना है कि इस पद पर भर्ती लंबे समय से नहीं हुई है. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के अनुसार राज्य में फार्मासिस्ट की आखिरी बड़ी भर्ती करीब 20 साल पहले निकाली गई थी, जिसके बाद से नई वैकेंसी को लेकर लगातार देरी हो रही है. इसी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती नहीं होने के कारण हजारों योग्य उम्मीदवार नौकरी को लेकर परेशान हैं. स्वास्थ्य विभाग में भी स्टाफ की कमी बनी हुई है. इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द नई फार्मासिस्ट भर्ती निकालने की मांग की. छात्रों का कहना है कि अगर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
आशीष श्रीवास्तव