केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम को लेकर सख्त रुख अपनाया है. सरकार ने चेतावनी दी है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारु संचालन को प्रभावित करने, बाधित करने या उसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह चेतावनी कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन ने शुक्रवार को एक समीक्षा बैठक के दौरान दी. बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह भी मौजूद थे. इस बैठक में मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET-UG री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की गई.
सोमनाथन ने परीक्षा के पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारु आयोजन के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया. उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जिला प्रशासन मिलकर NEET री-एग्जाम के सफल आयोजन के लिए काम कर रहे हैं. जो भी व्यक्ति परीक्षा की निष्पक्षता या संचालन में बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.'
कई स्तरों पर हो रही निगरानी
बता दें कि कैबिनेट सचिव ने 1 जून को केंद्र सरकार के विभिन्न सचिवों और संबंधित एजेंसियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की थी. इसके बाद 4 जून को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्थाओं का आकलन किया गया. सरकार का कहना है कि इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना है.
अधिकारियों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने एग्जाम पेपर के ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा के लिए CRPF और CISF की तैनाती के निर्देश दिए हैं. इससे परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है.
पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई थी परीक्षा
गौरतलब है कि देशभर में NEET-UG परीक्षा का आयोजन 3 मई को किया गया था. लेकिन पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 12 मई को इस परीक्षा को रद्द कर दिया था. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है, जो अब तक इस केस में कई आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है. सरकार की कोशिश है कि 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष और लीक-प्रूफ हो.
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