पाकिस्तान गए ईरानी डेलिगेशन की डिग्रियों की क्यों हो रही चर्चा?

पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में आयोजित ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता लंबी चर्चा के बावजूद किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच सकी. लेकिन इस बीच ईरान से पाकिस्तान गए डेलिगेशन को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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Iran delegation (Photo: AP) Iran delegation (Photo: AP)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चली 21 घंटे की लंबी बातचीत के बाद भी कोई समझौता नहीं हो सका है. इस वार्ता में अमेरिका की ओर से अमेरिका के वर्तमान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर एडमिरल ब्रैड कूपर अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर ब्रैड कूपर शामिल हुए थे. वहीं, ईरान की ओर से एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल शामिल था, जिसमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालीबाफ, और वरिष्ठ राजनयिक माजिद तख्त-रवांची जैसे अनुभवी नेता मौजूद थे. ऐसे में उनके एजुकेशन से जुड़ी चर्चा तेज हो गई है.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची

अराघची ईरान के शीर्ष कूटनीतिज्ञों में गिने जाते हैं. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीतिक विज्ञान से जुड़ी है. उन्होंने ईरान के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन से ग्रेजुएशन की है. इसके बाद उन्होंने इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी (IAU), तेहरान से पोलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन की है. जबकि उनकी डॉक्टरेट यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ केंट से राजनीतिक विचार में किया है. 

माजिद तख्त-रवांची

इस डेलीगेशन में ईरान की ओर से एक वरिष्ठ राजनयिक माजिद तख्त-रवांची भी गए थे. उन्होंने साल 2024 में ईरान के विदेश उप-विदेश मंत्री में रूप में भी काम किया है. इतना ही नहीं वह परमाणु वार्ता में अहम भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं और 2019 से 2022 तक संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत भी रह चुके हैं. उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कंसास से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हालिस की है. इसके बाद उन्होंने अपना दूसरा मास्टर डिग्री फोर्डहम विश्वविद्यालय ने इंटरनेशनल पॉलिटिकल इकोनॉमी एंड डेवलपमेंट में किया है. इसके अलावा  माजिद तख्त-रवांची ने पीएचडी भी की है. उन्होंने बर्न विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी किया है. 

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बाघेर गालिबाफ

ईरान से इस्लामाबाद आने वाले नेताओं में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ जो दूसरा सबसे अहम नाम है, वह ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ का है. ये ईरानी डेलीगेशन को लीड कर रहे थे. वह इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं और उनकी एजुकेशन प्रोफाइल और ज्यादा सुर्खियों में बनी हुई है. बता दें कि तेहरान यूनिवर्सिटी से ह्यूमन जियोग्राफी में बैचलर की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने तरबियात मोदारेस विश्वविद्यालय से ह्यूमन जियोग्राफी और पॉलिटिकल जियोग्राफी में मास्टर की डिग्री हासिल की. उनके पास पीएचडी की डिग्री भी है. तरबियात मोदारेस विश्वविद्यालय से उन्होंने पॉलिटिकल जियोग्राफी में पढ़ाई की है. 

 

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