CBSE री-इवैल्यूएशन प्रोसेस से COEMPT Eduteck बाहर, अब ऐसे काम कर रहा है बोर्ड

CBSE 12वीं की री-इवैल्यूएशन पोर्टल लगातार विवादों में बना हुआ है. इस बीत बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से COEMPT Eduteck को हटा दिया है. बोर्ड का कहना है कि छात्रों द्वारा संशोधित रिकॉर्ड की प्रतीक्षा किए जाने तक यह प्रक्रिया निर्धारित समय पर जारी रहेगी. हालांकि, बोर्ड की ओर से सोशल मीडिया पर बताया कि 1.6 लाख छात्रों ने अब तक आवेदन कर लिया है.

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CBSE Re- evaluation Coempt Update CBSE Re- evaluation Coempt Update

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST

CBSE ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट की चल रही री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया के लिए COEMPT Eduteck का यूज न करने का फैसला लिया है. पिछले कुछ दिनों से चल रहे तकनीकी और सुरक्षा कारणों से अटके पड़े सीबीएसई के री-इवैल्युएशन पोर्टल को आखिरकार क्लीयरेंस मिल गई है. इस घटना के बीच आईआईटी पैनल के एक सदस्य ने बताया कि सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन के लिए कंपनी की सेवाएं बंद करने का फैसला किया है. 

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सीबीएसई के अपडेट के अनुसार, मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग में शामिल COEMPT Eduteck अब पुनर्मूल्यांकन काम में हिस्सा का नहीं लेगी. हालांकि, बोर्ड ने अभी तक इस फैसले के पीछे के कारणों का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है. 

लाखों में पहुंच गए छात्रों के आवेदन 

यह कदम 2026 की बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद सीबीएसई द्वारा की जा रही गतिविधियों के दौरान उठाया गया. परिणाम आने के बाद 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने अपने अंकों के सत्यापन और 3.8 लाख से अधिक छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया. पुनर्मूल्यांकन पोर्टल 3 जून की सुबह खोला गया जहां छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी देखने और अंकों की दोबारा जांच के लिए आवेदन करने की सुविधा मिली. यह प्रक्रिया कुछ दिनों तक चली और 7 जून को समाप्त हो गई. 

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विवादों के बीच बोर्ड का रुख

सीबीएसई ने कहा कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून तक सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की टीमों की देखरेख में पूरी तरह से चालू रही. इस दौरान 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं से संबंधित अनुरोध सफलतापूर्वक आवेदन किया. 

बोर्ड ने आगे बताया कि सिस्टम को साइबर सुरक्षा टीम लगातार मॉनिटर करती रही ताकि किसी भी तरह की गलत या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके. साथ ही सीबीएसई की टीमें हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण के जरिए छात्रों की मदद कर रही है. 

सीबीएसई ने साफ किया कि रोल नंबर नहीं मिला मैसेज केवल उन्हीं छात्रों को दिख रहा है जिन्होंने पहले चरण में अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन नहीं किया था. बोर्ड ने पहले एक प्रक्रिया बनाई थी, जिसमें छात्र पहले अपनी उत्तर पुस्तिका की कॉपी देख सकते हैं और फिर सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं. 

पुनर्मूल्यांकन और आवेदन की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है. छात्रों और अभिभावकों से कहा गया है कि वे ताजा जानकारी के लिए सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें. 

बोर्ड उम्मीद कर रहा है कि आने वाले हफ्तों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अगर अंकों में कोई बदलाव होता है, तो वह अंतिम रिकॉर्ड में अपडेट कर दिया जाएगा. 

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क्या है Coempt EduTeck टेंडर को लेकर विवाद 

बता दें कि सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का इवैल्यूएशन OSM ने किया था. इसके लिए Coempt EduTeck को टेंडर दिया गया था. इस दौरान रिजल्ट में आ रही परेशानियों के कारण कई विवाद देखने को मिला है. कई छात्र अपने नंबर से खुश नहीं थे तो कुछ की कॉपियां धुंधली होने की खबर सामने आई, कुछ छात्रों के पेपर से तो पेज मिसिंग होने की घटनाएं भी सामने आई. इसके बाद से ही कंपनी के टेंडर को लेकर कई सवाल उठने लगे.

IIT मद्रास-IIT कानपुर पैनल ने दी मंजूरी

CBSE OSM पर जारी बवाल  और स्कैन कॉपी पोर्टल में आ रही परेशानियों को देखते हुए सरकार ने IIT मद्रास और IIT कानपुर के एक्सपर्ट का रिव्यू पैनल बनाया गया. इस रिव्यू पैनल ने Coempt EduTeck पोर्टल पर कई खामियां पाई हैं, जिसके बाद सीबीएसई को 12वीं की कॉपियों का री-इवैल्यूएशन करने के लिए खुद का पोर्टल शुरू करने की मंजूरी दी गई है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा चिंताओं और साइबर हमलों की कोशिशों के बाद, IIT के एक्सपर्ट रिव्यू पैनल ने CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को मंजूरी दे दी है.

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