NEET के पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस बवाल के बीच आज पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया ने सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नई तारीखों की जानकारी पहले ही दे दी थी. 21 जून को छात्र दोबारा अपनी किस्मत आजमाएंगे. एडमिट कार्ड से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की जानकारी NTA की ओर से दी जाएगी.
3 से 4 दिन के बाद लिया गया फैसला
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गेस पेपर लीक होने के 3 से 4 दिन का समय लिया जिसके बाद से परीक्षा रद्द की गई ताकि किसी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि हम आज नई तारीख के साथ आए हैं. आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी. हमारी अप्रोच वही रहेगी. परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है. विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है जिससे बचना बेहद जरूरी है. ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी. इस बार सीबीआई तह तक जाएगी और गड़बड़ी का पता लगाएगी. मंत्री ने कहा कि उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं. जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा.
अफवाहों को सावधान रहने की हिदायत
वर्तमान में डिजिटल युग में अफवाहें और भ्रामक खबरें सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं. ऐसे में अभिभावकों और छात्रों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठ और गुमराह करने वाले दावों से दूर रहें. केवल सरकार या NTA की ओर से जारी बयान पर ही फोकस करें. इस बार प्रशासन तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार है.
नई तारीख का हुआ ऐलान
हमने समय में NEET के लिए नई तारीख का ऐलान कर दिया है. जब से परीक्षा में पेपर लीक की बातें सामने आई हैं तब से हमने इसपर अपनी पैनी नजर बनाई है. इसके लिए CBI को जांच सौंपी गई थी.
दुख के साथ लिया गया फैसला
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें ये फैसला लेना पड़ा ताकि अन्याय न हो सके. हमें अनेक सुझाव मिले हैं. एनटीए में जीरो एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे. एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है. विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं. एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का मौका देंगे. उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान 12 मई तक यह साफ हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी ईमानदार और मेहनती छात्र का हक छीना जाए.
अपनी पसंद का चुन सकते हैं शहर
प्रधान ने कहा कि NEET UG की परीक्षा में दोबारा से शामिल होने वाले छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने की अनुमति दी जाएगी. इस कदम का उद्देश्य यात्रा के बोझ को कम करना और परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाना है.
अगले साल से ऑनलाइन होगी एग्जाम
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात का भी ऐलान किया कि अगले साल से छात्रों की नीट की परीक्षा को कंप्यूटर बेस्ड कर दिया जाएगा. अभी तक OMR शीट पर पेपर होता था, जिससे पेपर लीक की संभावना ज्यादा थी. इसके अलावा परीक्षा का समय 15 मिनट बढ़ेगा यानी छात्रों को अब पेपर लिखने के लिए और 15 मिनट ज्यादा मिलेंगे.
14 जून को आएगा एडमिट कार्ड
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान बताया कि नीट यूजी 2026 के री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे. इसके अलावा छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा.
छात्रों को मिलेगी ये सुविधाएं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने माना है कि NEET-UG परीक्षा की सुरक्षा में चूक हुई है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि सरकार इस गलती को स्वीकार करती है और इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी लेती है. शिक्षा मंत्री ने बताया कि साल 2024 में भी परीक्षा में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे, इसलिए अब NTA के पूरे मैकेनिज्म को मजबूत बनाने पर काम किया जाएगा.
शिक्षा माफिया के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार NEET UG मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी या मॉल प्रैक्टिस नहीं होने की गारंटी भी दे रही. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था को खराब करने वाले लोगों और शिक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई सुधारों के सुझाव मिले हैं, जिन पर सरकार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि फिलहाल NTA योग्य अधिकारियों के हाथ में है और एजेंसी हर साल करीब 1 करोड़ छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करती है.सरकार अब परीक्षा व्यवस्था को और ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है.
छात्रों को मिलेगी ये सुविधाएं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा के दौरान छात्रों को आने-जाने में परेशानी न हो इसके लिए राज्य सरकारों से बात की जाएगी. सरकार की कोशिश है कि छात्रों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े और उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. उन्होंने कहा कि परीक्षा जून महीने में होगी, इसलिए बारिश और खराब मौसम की संभावना को भी ध्यान में रखा जा रहा है. इसी को देखते हुए परीक्षा के दिन परिवहन, सुरक्षा और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं की पहले से तैयारी की जाएगी, ताकि छात्रों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े.
आजतक एजुकेशन डेस्क