साउथ सिनेमा के बेताज बादशाह रहे थलपति विजय ने जब अपनी 69वीं फिल्म के बाद एक्टिंग छोड़ने का ऐलान किया था तो दुनिया दंग थी. 200 करोड़ रुपए की फीस छोड़कर शून्य से शुरुआत करना 'रिस्क' लग रहा था, लेकिन कल चार मई के चुनावी नतीजों ने दिखा दिया कि 'पर्पज-ड्रिवन करियर शिफ्ट' क्या होता है. आज विजय राजनीति में भी उतने ही सफल हैं जितने वे पर्दे पर थे.
आमतौर पर लोग रिटायरमेंट के बाद राजनीति में आते हैं, पर विजय ने अपने करियर के पीक पर यह फैसला लिया. यह उन प्रोफेशनल्स के लिए सबक है जो सफलता के बाद 'कंफर्ट जोन' की चादर ओढ़ लेते हैं.
रिस्क मैनेजमेंट करना जरूरी
विजय ने रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री नहीं छोड़ी. उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) की नींव पहले रखी और धीरे-धीरे अपने फिल्मी कमिटमेंट पूरे किए. करियर बदलने का यह 'ग्रेजुअल ट्रांजिशन' सबसे सुरक्षित तरीका है.
स्किल ट्रांसफर भी बहुत जरूरी है. एक अभिनेता के तौर पर विजय की 'कनेक्टिविटी' और 'मास अपील' उनकी ताकत थी. उन्होंने इसी 'पब्लिक स्पीकिंग' और 'क्राउड मैनेजमेंट' के हुनर को राजनीति में अपना हथियार बनाया.
लंबी प्लानिंग और फील्ड वर्क भी जरूरी
आज की जीत के पीछे उनकी 2 साल की लंबी प्लानिंग, स्टडी और ग्राउंड लेवल का फील्ड वर्क है. उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर बहुत पहले ही अपनी बिसात बिछा दी थी.
प्रोफेशनल युवा क्या सीखें?
अगर आप अपने क्षेत्र में सब कुछ पा चुके हैं, तो नई चुनौती ही आपके व्यक्तित्व का असली विकास करेगी.सफलता का मतलब ठहराव नहीं होता.
करियर शिफ्ट के लिए कम से कम 2 साल की एडवांस प्लानिंग और फील्ड वर्क जरूरी है.
विजय ने अपनी आखिरी दो फिल्मों (68वीं और 69वीं) से इतनी राशि जुटाई कि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के जनसेवा कर सकें. किसी भी नई शुरुआत से पहले फाइनेंशियल तैयारी अनिवार्य है.
विजय ने अचानक सब कुछ नहीं छोड़ा. उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) की घोषणा पहले की और अपनी फिल्मों के कमिटमेंट धीरे-धीरे पूरे किए. करियर शिफ्ट के लिए यह 'ग्रेजुअल ट्रांजिशन' सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क