राजस्थान हाईकोर्ट ने चपरासी भर्ती का रिजल्ट किया रद्द, कहा- न्यूनतम अंक का नियम बनाओ

राजस्थान हाईकोर्ट ने फोर्थ ग्रेड की भर्ती परीक्षा 2024 में अलग-अलग कैटेगरी की मेरिट लिस्ट रद्द कर दिया है. जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने विनोद कुमार की याचिका पर फैसला सुनाते हुए जीरो कट ऑफ कैटेगरी की मेरिट लिस्ट रद्द करने का आदेश दिया है. इस मामले में कोर्ट ने कहा कि भर्ती में न्यूनतम अंक मायने रखते हैं और जरूरी हैं.  

Advertisement
Rajasthan HC Peon Recruitment Cancellation (File Photo: ITG) Rajasthan HC Peon Recruitment Cancellation (File Photo: ITG)

शरत कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:29 PM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने जीरो नंबर पर नियुक्त देने और माइनस पर नियुक्ति से इनकार करते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की सबसे बड़ी 53 हजार 749 पदों पर जारी चपरासी भर्ती के रिजल्ट को रद्द कर दिया है. राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य कर्मचारी बोर्ड परीक्षा में सफल होने के लिए कोई न्यूनतम अंक तय करें. ये फैसला कैसे होगा कि शून्य वाला ज्यादा काबिल अभ्यर्थी है या गलत उत्तर देकर निगेटिव अंक लाने वाला काबिल उम्मीदवार है. 

Advertisement

दरअसल, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की फोर्थ ग्रेड की भर्ती परीक्षा में दिव्यांग, विधवा-परित्यक्ता, एक्स आर्मी मैन, सहरिया जैसे कोटे के अंदर कई लोग सफल अभ्यर्थी घोषित हुए हैं जिनके जीरो नंबर आए हैं. बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ एक्स आर्मी मैन ओबीसी कोटे में माइनस 0.6 नंबर लाने वाले विनोद कुमार ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

क्या है याचिका की मांग? 

विनोद ने याचिका में कहा कि एक्स आर्मी मैन, ओबीसी कोटे में पद खाली होने के बावजूद मुझे माइनस अंक लाने के आधार पर नियुक्ति नहीं दी जा रही है जबकि जीरो नंबर लाए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा रही है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता हरेंद्र नील ने कोर्ट ने कहा कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का यह नियम युक्तिसंगत और न्यायसंगत नहीं माना जा सकता है. परीक्षा में सफल होने के लिए न्यूनतम अंक के साथ कोई नियम तय करें और रिजल्ट का निर्धारण फिर से करें. मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट के जज आनंद शर्मा के कोर्ट में हुई.

Advertisement

कोर्ट ने क्या कहा? 

इस मामले को लेकर कोर्ट ने कहा  कि भर्ती में न्यूनतम अंक निर्धारित करना जरूरी है. बिना न्यूनतम अंक के भर्ती करना गैर-संविधानिक माना जाएगा. कोर्ट ने आगे कहा कि चाहे पद ग्रेज फोर्थ ही क्यों न हो, लेकिन एक बेसित स्टैंडर्ड का तय होना अनिवार्य है. 

कब हुई थी परीक्षा? 

नियुक्ति के लिए इंतजार कर रहे अभ्यर्थी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज पर गुस्सा निकालते हुए कहा कि आलोक राज के मनमाने फैसले से बेरोजगार परेशान हो रहे है. कई सालों के इंतजार के बाद राजस्थान में फोर्थ ग्रेड की भर्ती निकली थी. 53 हजार 749 पदों पर सितंबर 2025 में परीक्षा हुई थी और 16 जनवरी 2026 को रिजल्ट जारी हुआ था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement