राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) का आयोजन 3 मई 2026 को देशभर में मेडिकल और अन्य स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए किया गया था. परीक्षा के बाद कुछ राज्यों, खासकर राजस्थान में कथित गड़बड़ियों और गेस पेपर को लेकर जांच शुरू हुई है. NTA ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कई आधुनिक इंतजाम किए गए थे. प्रश्न पत्रों को GPS-ट्रैक्ड वाहनों के जरिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया. हर प्रश्न पत्र पर विशेष और ट्रेस किए जा सकने वाले वॉटरमार्क लगाए गए थे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाया जा सके.
एजेंसी के मुताबिक सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी AI आधारित CCTV कैमरों से की गई, जिसे केंद्रीय कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जा रहा था. इसके अलावा सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया जिससे फर्जी उम्मीदवारों को गेट से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर 5G जैमर भी लगाए गए थे. NTA ने कहा कि परीक्षा 3 मई को सभी केंद्रों पर तय योजना के अनुसार शांति से और सुरक्षित तरीके से संपन्न हुई.
7 मई को मिले कथित गड़बड़ी के इनपुट
एजेंसी के अनुसार कथित परीक्षा में गड़बड़ी की सूचनाएं परीक्षा के चार दिन बाद 7 मई की देर शाम को मिली. इसके बाद 8 मई की सुबह ही इन जानकारियों पर एक्शन लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया. NTA ने आगे कहा कि मीडिया में सामने आई हालिया गिरफ्तारियां और कार्रवाई जांच एजेंसियों के पेशेवर और समयबद्ध काम का परिणाम हैं. एजेंसी ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों को परीक्षा से जुड़ा हर जरूरी डेटा और तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है.
जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष नहीं
NTA ने कहा कि मामला फिलहाल जांच के अधीन है और एजेंसी जांच पूरी होने से पहले किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचेगी. जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, चाहे आगे कार्रवाई की जरूरत हो या नहीं, उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सार्वजनिक किया जाएगा. छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए NTA ने कहा कि ईमानदारी से परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के हितों की रक्षा की जाएगी और उनकी मेहनत को किसी भी तरह कम नहीं होने दिया जाएगा. एजेंसी ने उम्मीदवारों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच एजेंसियों को अपना काम पूरा करने का समय दें.
गेस पेपर का केंद्र बना राजस्थान
इस बीच राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने कहा कि जांच फिलहाल एक कथित “गेस पेपर” पर केंद्रित है. उन्होंने बताया कि इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे, जिनमें से लगभग 120 सवाल केमिस्ट्री विषय से संबंधित बताए जा रहे हैं. बंसल के अनुसार यह गेस पेपर परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों के बीच पहुंचना शुरू हो गया था. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गेस पेपर के जरिए किसी तरह की नकल, धोखाधड़ी या अन्य आपराधिक गतिविधि हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है.
आजतक एजुकेशन डेस्क