मीडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने युद्ध के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदलकर रख दिया है. अब लड़ाई केवल मिसाइलों और फाइटर जेट्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसमान में उड़ते छोटे लेकिन बेहद घातक ड्रोन इस जंग का चेहरा बन चुके हैं. सटीक हमलों से लेकर जासूसी और रेस्क्यू ऑपरेशन तक, ड्रोन की बढ़ती भूमिका ने इसे भविष्य की सबसे अहम टेक्नोलॉजी बना दिया है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा अब इस क्षेत्र में करियर बनाने की ओर आकर्षित हो रहे हैं और ‘ड्रोन इंजीनियर’ एक उभरता हुआ लोकप्रिय प्रोफेशन बनता जा रहा है.
करियर के क्षेत्र में उभर रहा ड्रोन इंजीनियर
ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल ने युवाओं के लिए नए अवसर खोल दिए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में ड्रोन इंजीनियर की मांग तेजी से बढ़ेगी.
कैसे बनें ड्रोन इंजीनियर?
ड्रोन इंजीनियर बनने के लिए टेक्निकल नॉलेज होनी चाहिए. लेकिन पहले शुरुआत 12वीं से होती है. इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवा को 12वीं के बाद साइंस (PCM) स्ट्रीम का चुनाव करना होता है. इसके बाद एरोनॉटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स या मैकेट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की जा सकती है. इसके साथ ही ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एम्बेडेड सिस्टम और फ्लाइट कंट्रोल जैसे फील्ड में नॉलेज लेना आवश्यक है. प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ड्रोन ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन भी अहम भूमिका निभाते हैं. आप चाहे तो, बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग का कोर्स भी कर सकते हैं. ये कोर्स 4 साल का होता है जिसमें ड्रोन के सेंसर, कैमरा, GPS समेत कई अन्य उपकरणों के बारे में बताया जाता है.
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ड्रोन से जुड़े इन क्षेत्रों में भी बना सकते हैं करियर
इन जगहों पर मिलेगी जॉब
ये कोर्स करने के बाद युवाओं को डिफेंस (DRDO), एग्रीकल्चर, लॉजिस्टिक्स, फिल्म इंडस्ट्री और सर्वे कंपनी, मीडिया और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में नौकरी मिल सकती है.
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