देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर इन दिनों चर्चा तेज हो गई है. पेपर लीक की जानकारी और एजेंसियों से मिली जानकारी के बाद से NTA ने पेपर रद्द कर दिया है. अब परीक्षा दोबारा से करवाई जाएगी. ऐसे में लाखों छात्रों और अभिभावकों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर नीट का पेपर कौन सेट करता है? इसे बनाने के लिए कितने प्रोसेस से गुजरना होता है.
कैसे तैयार होते है पेपर?
नीट परीक्षा का पेपर तैयार करना बेहद ही कठिन है. इसे बेहद गोपनीय चरणों से होकर गुजरता होता है. इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से विषय एक्सपर्ट्स, प्रोफेसर और शिक्षक चुने जाते हैं. इस टीम की जानकारी भी गुप्त रखी जाती है.
कौन तैयार करता है पेपर?
नीट यूजी का पेपर सेट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ही तैयार करता है. इसके लिए NTA एक्सपर्ट कमेटी पेपर सेट करती है. इस एक्सपर्ट कमेटी में सब्जेक्ट एक्सपर्ट,साइकोमेट्रिक्स, IT डिलीवरी और सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स को शामिल किया जाता है. पेपर सेट को तैयार करने के साथ ही कई बार उनका रिव्यू किया जाता है. रिव्यू सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स साइकोमेट्रिक्स के साथ मिलकर करते हैं. इसके साथ NTA क्वेश्चन/आइटम बैंक बनाता है. NTA हर विषय के क्वेश्चन/आइटम बैंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाता है. वहीं सवालों के जवाब की जांच टेस्ट डेवलपमेंट की ओर से की जाती है. इसमें आमतौर पर एजुकेटर्स या स्टेकहोल्डर ऑर्गनाइजेशन के गाइडेंस में NTA द्वारा नियुक्त दूसरे प्रोफेशनल्स शामिल होंते हैं.
NCERT से पूछे जाते हैं सवाल
नीट में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से कुल 180 सवाल किए जाते हैं. ये सवाल मुख्य रूप से कक्षा 11वीं और 12वीं के NCERT सिलेबस से लिए जाते हैं. यानी जिन छात्रों की NCERT पर पकड़ अच्छी है, उसके लिए पेपर समझना आसान होता है.
अलग-अलग सेट क्यों बनते हैं?
नीट में अलग-अलग सेट के पेपर तैयार किए जाते हैं. असल में इन सभी सेटों में सवाल एक जैसे होते हैं,सिर्फ उनका क्रम बदल दिया जाता है. यानी सभी छात्रों को 180 सवालों के ही जवाब देने होते हैं. जब सवाल तय हो जाते हैं, तब पेपर को बहुत सख्त सुरक्षा के बीच प्रिंट किया जाता है. प्रिंटिंग प्रेस, पैकिंग और परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में निगरानी रहती है.हर कदम पर सीलबंद पैकेट और ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क